जबलपुर क्रूज हादसे में सुरक्षा लापरवाही का खुलासा, नौ लोगों की गई जान

जबलपुर के बरगी बांध में हुए क्रूज हादसे में नौ लोगों की जान गई, जबकि कई अन्य लापता हैं। बचे हुए यात्रियों ने सुरक्षा नियमों में गंभीर कमियों और क्रू सदस्यों की लापरवाही की शिकायत की है। घटना के समय मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की थी, फिर भी क्रूज़ को चलने की अनुमति दी गई। स्थानीय लोगों ने मदद की, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं। जानें इस दुखद घटना की पूरी कहानी।
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जबलपुर में क्रूज दुर्घटना का दर्दनाक मंजर

"सिर्फ 2 से 3 मिनट में सब कुछ खत्म हो गया। हम चिल्लाते रहे और नाव को किनारे लाने की गुहार लगाते रहे, लेकिन क्रू ने हमारी एक नहीं सुनी।" यह बयान उस पिता का है, जिसने अपनी आंखों के सामने अपने परिवार को खो दिया। जबलपुर के बरगी बांध में हुए क्रूज हादसे में नौ लोगों की जान जाने के बाद, बचे हुए यात्रियों के बयान ने पर्यटन विभाग और क्रू की लापरवाही को उजागर किया है।


हादसे के समय की स्थिति

गुरुवार शाम को, जबलपुर में एक क्रूज़ पलटने से नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लापता हैं। यह घटना नर्मदा नदी के बैकवाटर में हुई, जब अचानक तेज़ हवाएं चलने लगीं। मौसम विभाग ने पहले ही चेतावनी जारी की थी।


बचे हुए यात्रियों की शिकायतें

दिल्ली के प्रदीप कुमार, जो इस हादसे में बाल-बाल बचे, ने बताया कि वहां कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी। उन्होंने कहा, "हमें लाइफ जैकेट नहीं दी गई थीं, इसलिए हमें उन्हें आपस में बांटने के अलावा कोई विकल्प नहीं था।"


क्रू की लापरवाही

प्रदीप ने बताया कि क्रू के केवल दो सदस्य थे, और आपातकाल के दौरान उन्होंने यात्रियों को कोई सहायता नहीं दी। जैसे ही क्रूज़ बांध के बीच में पहुंचा, स्थिति तेजी से बिगड़ गई। उन्होंने कहा, "अचानक तेज़ हवाएं चलने लगीं, जिससे पानी में हलचल होने लगी।"


परिवारों का दुख

प्रदीप की पत्नी और चार साल के बेटे के शव बाद में बरामद कर लिए गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि किनारे पर मौजूद लोगों ने नाव के ऑपरेटर को चेतावनी दी थी, लेकिन उन्होंने इसे नजरअंदाज कर दिया।


स्थानीय लोगों की मदद

स्थानीय लोगों ने तुरंत मदद के लिए दौड़कर कुछ यात्रियों को बचाया, खासकर उन लोगों को जिन्होंने लाइफ जैकेट पहन रखी थी। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि 15 यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया है।


प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल

इस घटना ने प्रशासनिक निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि मौसम विभाग द्वारा चेतावनी जारी करने के बावजूद क्रूज़ को चलने की अनुमति दी गई थी।


मुआवजे की घोषणा

राज्य मंत्री राकेश सिंह ने इस घटना को "बेहद दुर्भाग्यपूर्ण" बताया और पीड़ितों के परिवारों के लिए 4 लाख रुपये के मुआवज़े की घोषणा की।


जांच और भविष्य की कार्रवाई

राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और अन्य टीमों द्वारा चलाए जा रहे बचाव अभियान में कम रोशनी के कारण बाधाएं आईं। यह घटना सुरक्षा तैयारियों और मौसम संबंधी चेतावनियों के पालन में गंभीर चिंताओं को उजागर करती है।