छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए एनएसयूआई का बड़ा आंदोलन
छात्रों के मुद्दों पर एनएसयूआई का आक्रोश
पटना, 29 जुलाई: भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने बुधवार को बताया कि देशभर में प्रश्नपत्र लीक, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं और छात्रों के दमन के खिलाफ विद्यार्थियों में गहरा आक्रोश है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य की भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनकी आवाज़ को दबाने का प्रयास कर रही है। जाखड़ ने कहा कि इस विरोध के तहत चार अगस्त को पटना में एनएसयूआई के नेतृत्व में एक बड़ा छात्र आंदोलन आयोजित किया जाएगा।
शांतिपूर्ण आंदोलन की मांगें
बिहार प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में जाखड़ ने कहा कि छात्र शिक्षा व्यवस्था में सुधार, प्रश्नपत्र लीक पर रोक, समयबद्ध भर्तियों, समय पर परीक्षा परिणाम और भर्ती कैलेंडर लागू करने की मांग कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ की गई कार्रवाई, जैसे पानी की बौछार, आंसू गैस का इस्तेमाल, लाठीचार्ज और गोलीबारी, लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। जाखड़ ने बताया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के निर्देश पर उन्होंने अस्पताल में भर्ती घायल छात्रों से मुलाकात की।
घायल छात्रों के लिए मुआवजे की मांग
एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि राहुल गांधी ने भी पीड़ित छात्रों से फोन पर बात कर हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। जाखड़ ने बताया कि कई घायल छात्र आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से हैं और उनके भविष्य पर गंभीर असर पड़ा है। उन्होंने मांग की कि गोली लगने से घायल सभी छात्रों को 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए और उनके इलाज, शिक्षा और भविष्य की जिम्मेदारी सरकार उठाए।
पुलिस की कार्रवाई पर सवाल
जाखड़ ने कहा कि आंदोलन समाप्त होने के बाद छात्रों पर कोई कार्रवाई नहीं करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद कई छात्रों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने कहा कि पटना विश्वविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष शांतनु शेखर समेत कई छात्रों के साथ पुलिस का व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ था। जाखड़ ने मांग की कि छात्रों पर बल प्रयोग और गोली चलाने के आदेश देने वाले सभी जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और पूरे मामले की जांच उच्चतम न्यायालय के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए।
छात्रों के अधिकारों की रक्षा में कांग्रेस का समर्थन
एनएसयूआई प्रमुख ने कहा कि प्रश्नपत्र लीक, शिक्षा के निजीकरण, बेरोजगारी और छात्रों पर दर्ज मुकदमों के विरोध में चार अगस्त को पटना में एक विशाल छात्र आंदोलन आयोजित किया जाएगा। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश राम ने आरोप लगाया कि दिल्ली से लेकर बिहार तक छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन पर जिस प्रकार बल प्रयोग किया गया, वह लोकतांत्रिक मूल्यों और मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि छात्रों ने पूरी तरह शांतिपूर्ण और अहिंसक तरीके से अपनी मांगें उठाईं, लेकिन इसके बावजूद उन पर बल प्रयोग और गोलीबारी की घटनाएं अत्यंत निंदनीय हैं।
कांग्रेस पार्टी का समर्थन
प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज़ उठाने पर सदाकत आश्रम स्थित बिहार प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर भी हमला किया गया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए आवेदन दिए जाने के बावजूद अब तक मामला दर्ज नहीं किया गया, जिससे कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि घायल छात्र अनुसूचित जनजाति परिवार से है और अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया में शामिल होकर देश की सेवा करने का सपना देख रहा था।
छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए कांग्रेस का संकल्प
राजेश राम ने कहा कि कांग्रेस पार्टी छात्रों के अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए उनके साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और छात्रों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग की, यह कहते हुए कि छात्रों की आवाज़ को दमन के बल पर दबाया नहीं जा सकता।
