छत्तीसगढ़ में मोबाइल नेटवर्क विस्तार के लिए 2,305 टावरों की स्वीकृति की मांग
मुख्यमंत्री का केंद्र से आग्रह
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य के दूरदराज के क्षेत्रों में मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं की उपलब्धता को सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल भारत निधि (डीबीएन) योजना के तहत प्रस्तावित 2,305 नए मोबाइल टावरों की शीघ्र स्वीकृति की मांग की है। अधिकारियों के अनुसार, यह जानकारी शुक्रवार को साझा की गई।
मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली में केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात की, जहां उन्होंने छत्तीसगढ़ में डिजिटल और दूरसंचार संपर्क के विस्तार से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की।
दूरदराज के क्षेत्रों में संचार नेटवर्क का विस्तार
साय ने विशेष रूप से प्रदेश के दूरस्थ, जनजातीय, सीमावर्ती और कठिनाई वाले क्षेत्रों में निर्बाध मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 2,305 नए मोबाइल टावरों की स्वीकृति का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि कई दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में भौगोलिक चुनौतियों के कारण संचार नेटवर्क का विस्तार करना कठिन रहा है।
इन नए मोबाइल टावरों की स्थापना डिजिटल समावेशन में एक महत्वपूर्ण बदलाव लाएगी, जिससे उन गांवों और बस्तियों तक विश्वसनीय मोबाइल और इंटरनेट नेटवर्क पहुंचेगा, जो अब तक संचार सुविधाओं से वंचित रहे हैं।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए अतिरिक्त टावर
मुख्यमंत्री ने नक्सल प्रभावित और दुर्गम क्षेत्रों के लिए 577 अतिरिक्त मोबाइल टावरों की स्वीकृति पर केंद्र सरकार और केंद्रीय संचार मंत्री सिंधिया का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय विशेष रूप से बस्तर जैसे कठिन भौगोलिक क्षेत्रों को डिजिटल मुख्यधारा से जोड़ने में सहायक होगा।
संचार नेटवर्क का विकास
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन क्षेत्रों में अब शांति और विकास का नया माहौल बन रहा है, वहां मजबूत संचार नेटवर्क विकास की गति को और तेज करेगा। बेहतर संपर्क से नागरिकों और प्रशासन के बीच संवाद में सुधार होगा, आपातकालीन स्थितियों में संपर्क सुगम होगा, और शासन की ऑनलाइन सेवाओं का लाभ लोगों को उनके गांवों के निकट ही मिल सकेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार स्वीकृत मोबाइल टावरों की स्थापना से संबंधित प्रक्रियाओं को प्राथमिकता के साथ पूरा कर रही है।
भूमि संबंधी अनापत्ति प्रमाण-पत्र
कुल 577 स्थानों में से अब तक 489 स्थानों के लिए बीएसएनएल को भूमि संबंधी अनापत्ति प्रमाण-पत्र जारी किए जा चुके हैं। शेष 88 स्थानों के लिए आवश्यक प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है और जल्द ही स्वीकृति प्रदान की जाएगी।
