छत्तीसगढ़ में नक्सलियों का आत्मसमर्पण: 26 उग्रवादियों ने किया सरेंडर

छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियानों के तहत 26 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जिनमें से 13 पर इनाम था। यह आत्मसमर्पण राज्य सरकार की 'पूना मार्गेम' पहल के अंतर्गत हुआ है, जिसका उद्देश्य उग्रवादियों को सामाजिक पुनर्एकीकरण की ओर लाना है। आत्मसमर्पण करने वालों में कई प्रमुख नक्सली शामिल हैं, जिन पर गंभीर आरोप हैं। जानें इस अभियान की विस्तृत जानकारी और इसके पीछे के कारण।
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छत्तीसगढ़ में नक्सलियों का आत्मसमर्पण: 26 उग्रवादियों ने किया सरेंडर

नक्सल विरोधी अभियान में मिली सफलता

दक्षिण छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियानों को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बुधवार को सुकमा जिले में 26 नक्सलियों ने सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण किया, जिनमें से 13 पर कुल 65 लाख रुपये का इनाम था। यह आत्मसमर्पण राज्य सरकार की "पूना मार्गेम" पहल के तहत हुआ, जिसका उद्देश्य सशस्त्र कार्यकर्ताओं को उग्रवाद से दूर करके सामाजिक पुनर्एकीकरण की दिशा में मार्गदर्शन करना है।


सुकमा के पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले समूह में सात महिलाएं भी शामिल थीं, जिन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण किया।


आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों की जानकारी

पुलिस के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली विभिन्न प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े थे, जैसे कि पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए), दक्षिण बस्तर डिवीजन, माद डिवीजन और आंध्र ओडिशा बॉर्डर (एओबी) डिवीजन। चव्हाण ने बताया कि ये नक्सली छत्तीसगढ़ के अबूझमाद और सुकमा क्षेत्रों के साथ-साथ ओडिशा के सीमावर्ती इलाकों में कई हिंसक घटनाओं में शामिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक कठिनाइयों का सामना करने और संगठन के भीतर असंतोष ने उनके आत्मसमर्पण के निर्णय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


प्रमुख नक्सलियों का आत्मसमर्पण

आत्मसमर्पण करने वालों में सबसे प्रमुख लाली उर्फ मुचाकी आयते लखमू (35) थी, जो कंपनी पार्टी कमेटी की सदस्य थी और उस पर 10 लाख रुपये का इनाम था। उस पर कई बड़े हमलों में शामिल होने का आरोप है, जिनमें 2017 में ओडिशा के कोरापुट रोड पर हुआ आईईडी विस्फोट भी शामिल है, जिसमें 14 सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए थे। अन्य प्रमुख नक्सली कैडरों में हेमला लखमा (41), आसमिता उर्फ कमलू सन्नी (20), रामबती उर्फ पदम जोगी (21) और सुंदरम पाले (20) शामिल हैं, जिन पर 8 लाख रुपये का इनाम था। पुलिस ने बताया कि हेमला लखमा 2020 में सुकमा जिले के मिनपा में हुए हमले में शामिल थी, जिसमें 17 सुरक्षाकर्मी मारे गए थे। आत्मसमर्पण करने वाले कई अन्य नक्सली भी सुरक्षा बलों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर की गई हिंसक घटनाओं से जुड़े थे।