छत्तीसगढ़ में तीन नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में तीन नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। यह घटना बस्तर क्षेत्र में चल रहे नक्सली ऑपरेशनों के बीच हुई है। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में संगीता कुंजाम, संजू और लखमू शामिल हैं। पुलिस ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है। सरकार की पुनर्वास नीति के तहत, नक्सलियों को मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। जानें इस घटना के पीछे की पूरी कहानी और सरकार की योजनाओं के बारे में।
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छत्तीसगढ़ में तीन नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

कांकेर में नक्सलियों का आत्मसमर्पण

छत्तीसगढ़ में तीन नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

कांकेर: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के पखांजूर नगर पंचायत में शनिवार को तीन नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। परतापुर थाने के क्षेत्र में इन माओवादियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया। सरेंडर करने वालों में संगीता कुंजाम, संजू और लखमू शामिल हैं। बताया जा रहा है कि ये तीनों माओवादी बिना किसी हथियार के थाने पहुंचे और मुख्यधारा में शामिल हो गए।

हालांकि, इस मामले में पुलिस ने अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और तीनों नक्सलियों से पूछताछ की जा रही है। जल्द ही इस पर एक आधिकारिक बयान जारी किया जाएगा।

बस्तर क्षेत्र में लगातार चल रहे नक्सली ऑपरेशनों के कारण नक्सलियों की स्थिति कमजोर हो रही है। हाल ही में, डीकेएसजेडसीएम पापा राव सहित 18 नक्सलियों ने भी आत्मसमर्पण किया था, जिसमें दस लाख रुपये नकद और कई आधुनिक हथियार बरामद हुए थे। छत्तीसगढ़ सरकार की नक्सल पुनर्वास नीति के चलते कई नक्सली मुख्यधारा में लौट रहे हैं। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और राज्य गृहमंत्री विजय शर्मा ने नक्सलियों से अपील की है कि वे मुख्यधारा में शामिल हों या फिर सुरक्षा बलों का सामना करने के लिए तैयार रहें।

नक्सलियों को मुख्यधारा में शामिल होने का आग्रह करते हुए बस्तर संभाग के आईजी सुंदरराज पी ने कहा है कि जो नक्सली शांतिपूर्ण और सम्मानजनक जीवन जीने के लिए आगे आएंगे, उन्हें पुनर्वास नीति के तहत सभी प्रकार की सहायता प्रदान की जाएगी। सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर अब तक 2700 से अधिक माओवादी मुख्यधारा में शामिल हो चुके हैं। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सलमुक्त करने का संकल्प लिया है।