छत्तीसगढ़ में टोल दरों में वृद्धि: NHAI ने नए नियम लागू किए

नेशनल हाईवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने छत्तीसगढ़ में विभिन्न शहरों के लिए जाने वाले नेशनल हाईवे पर टोल दरों में वृद्धि की है। 1 अप्रैल से लागू होने वाली इस नई दर में हर टोल प्लाजा पर 5 रुपए की बढ़ोतरी की गई है। वार्षिक पासधारकों के लिए भी 75 रुपए का अतिरिक्त शुल्क निर्धारित किया गया है। हालांकि, स्थानीय पासधारकों को पुरानी दरों पर यात्रा करने की छूट दी गई है। इस वृद्धि का सीधा असर बिलासपुर जिले के चार प्रमुख टोल प्लाजा पर पड़ेगा, जहां रोजाना एक लाख से अधिक वाहन गुजरते हैं। जानें इस बदलाव के पीछे के कारण और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी।
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छत्तीसगढ़ में टोल दरों में वृद्धि: NHAI ने नए नियम लागू किए

टोल दरों में बढ़ोतरी का ऐलान

छत्तीसगढ़ में टोल दरों में वृद्धि: NHAI ने नए नियम लागू किए

नेशनल हाईवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने छत्तीसगढ़ में विभिन्न शहरों के लिए जाने वाले नेशनल हाईवे पर टोल दरों में वृद्धि की है। बिलासपुर से रायपुर, कोरबा, अंबिकापुर, रायगढ़ सहित सभी टोल प्लाजा पर 5 रुपए की बढ़ोतरी की गई है। यह नया टोल शुल्क 1 अप्रैल से लागू होगा, जिससे हर टोल प्लाजा पर गुजरने वाले वाहनों को अतिरिक्त 5 रुपए का भुगतान करना होगा। वार्षिक पासधारकों के लिए भी 75 रुपए का अतिरिक्त शुल्क निर्धारित किया गया है। हालांकि, स्थानीय पासधारकों को पुरानी दरों पर यात्रा करने की छूट दी गई है। NHAI ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई टोल दरें जारी की हैं। बिलासपुर जिले के चार प्रमुख टोल प्लाजा भोजपुरी, मुढ़ीपार, पाराघाट और बगदेवा से रोजाना एक लाख से अधिक वाहनों का गुजरना होता है, जिससे यह वृद्धि सीधे प्रभावित करेगी। विशेष रूप से, बिलासपुर से रायपुर और आसपास के जिलों के बीच यात्रा करने वाले ड्राइवरों पर यह आर्थिक बोझ बढ़ाएगी।

NHAI द्वारा जारी नोटिफिकेशन में टोल शुल्क में 5 से 10% की वृद्धि की गई है। विभिन्न टोल प्रबंधन और NHAI के अनुसार, यह बढ़ोतरी 5 से 20 रुपए तक है। रिंग रोड पर हल्के कॉमर्शियल वाहनों के लिए टोल दरों में कोई वृद्धि नहीं की गई है, जबकि भारी कॉमर्शियल वाहनों के लिए 5 से 20 रुपए तक की बढ़ोतरी की गई है।

NHAI ने कारों के लिए वार्षिक पास की कीमत में 75 रुपए की वृद्धि की है, जो 1 अप्रैल से लागू होगी। वर्तमान में, वार्षिक पास की कीमत 3,000 रुपए है, जिसमें 200 टोल बूथ पार करने की सीमा होती है। नए पास के लिए अब 3,075 रुपए का भुगतान करना होगा। टोल टैक्स की दरें होलसेल प्राइस इंडेक्स (WPI) के आधार पर निर्धारित की जाती हैं। हर साल के अंत में, इंडेक्स का मूल्यांकन कर सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय नए रेट जारी करता है। टोल की राशि सड़क की लंबाई और उस पर बने इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे फ्लाईओवर, अंडरपास, और टनल के आधार पर भी तय होती है। जहां सुविधाएं अधिक होती हैं, वहां टोल भी अधिक होता है।

सड़क परिवहन मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, जब फास्टैग वार्षिक पास की शुरुआत की गई थी, तब इसकी नोटिफिकेशन में हर साल कीमतों की समीक्षा और बदलाव का प्रावधान रखा गया था। यह बढ़ोतरी उसी सालाना रिवीजन प्रक्रिया का हिस्सा है। देशभर में हाईवे टोल की दरों में बदलाव के लिए जो फॉर्मूला तय है, उसी के आधार पर इस बार 2.5% की वृद्धि की गई है।

प्रदेश के सभी टोल प्लाजा पर नकद लेन-देन पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। जिन वाहनों में फास्टैग सक्रिय नहीं होगा, उन्हें दोगुना टोल देना होगा। यात्रियों की सुविधा के लिए प्लाजा पर 24 घंटे रिचार्ज और हेल्पडेस्क की सुविधा उपलब्ध रहेगी। NHAI ने स्पष्ट किया है कि सड़क रखरखाव के खर्च को देखते हुए यह वार्षिक वृद्धि की गई है।

NHAI के मैनेजर राजेश्वर सूर्यवंशी ने बताया कि मुख्यालय के निर्देशानुसार 1 अप्रैल से नई दरें प्रभावी होंगी। वार्षिक पास अब 3,075 रुपए में बनेगा। स्थानीय लोगों के लिए 20 किमी की छूट योजना पूर्ववत जारी रहेगी, जिससे उन्हें राहत मिलेगी। छत्तीसगढ़ की सड़कों पर हर टोल में पांच रुपए की वृद्धि की गई है।