छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर की स्थापना से बढ़ेगा निवेश
छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर की स्वीकृति
रायपुर, 7 अगस्त: भारत सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को नई दिशा देने के लिए छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (ईएमसी 2.0) की स्थापना को मंजूरी दी है। यह जानकारी अधिकारियों ने शुक्रवार को साझा की। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में मिली इस स्वीकृति को छत्तीसगढ़ को देश के उभरते इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण केंद्रों में शामिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना से राज्य में 3000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश होगा और लगभग 9000 युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे। भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इस परियोजना के लिए 432.08 करोड़ रुपये में से 210.56 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता मंजूर की है। परियोजना का विकास छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (सीएसआइडीसी) द्वारा किया जाएगा।
यह क्लस्टर लगभग 306 एकड़ में विकसित होगा, जिसमें रेडी-बिल्ट फैक्ट्री, आधुनिक औद्योगिक अधोसंरचना, बिजली, पानी, वेयरहाउस और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे कंपनियों को उत्पादन शुरू करने में आसानी होगी। अधिकारियों ने बताया कि सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) और स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की चार प्रमुख कंपनियों ने पहले ही यहां निवेश में रुचि दिखाई है। यह संकेत करता है कि छत्तीसगढ़ उच्च-प्रौद्योगिकी आधारित उद्योगों के लिए एक आकर्षक निवेश स्थल बन रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना केवल एक औद्योगिक क्लस्टर नहीं है, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाला विकास इंजन बन सकती है। मुख्यमंत्री साय ने इस स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया, यह कहते हुए कि यह निर्णय छत्तीसगढ़ में निवेश के प्रति बढ़ते विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार स्थानीय युवाओं को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुसार प्रशिक्षित करेगी, ताकि नए उद्योगों में रोजगार का अधिकतम लाभ प्रदेश के युवाओं को मिल सके।
अधिकारियों ने बताया कि यह परियोजना ‘मेक इन इंडिया’, ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विज़न को आगे बढ़ाने में सहायक होगी। इसके साथ ही, छत्तीसगढ़ उन चुनिंदा राज्यों में शामिल होगा, जहां भविष्य की इलेक्ट्रॉनिक्स अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव रखी जा रही है।
