छत्तीसगढ़ के सीएम ने पीएम मोदी से बस्तर के विकास के लिए पेश किया नया ब्लूप्रिंट

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पीएम मोदी से मुलाकात में बस्तर के विकास के लिए एक नई योजना प्रस्तुत की। इस योजना में नक्सलवाद के अंत के बाद बस्तर में शांति और विकास को प्राथमिकता दी गई है। मुख्यमंत्री ने शिक्षा, स्वास्थ्य, और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का प्रस्ताव रखा है। इसके साथ ही, उन्होंने बस्तर के पर्यटन को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए भी कदम उठाए हैं। जानें इस विकास योजना के प्रमुख पहलुओं के बारे में।
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छत्तीसगढ़ के सीएम ने पीएम मोदी से बस्तर के विकास के लिए पेश किया नया ब्लूप्रिंट

बस्तर के विकास की नई दिशा

छत्तीसगढ़ के सीएम ने पीएम मोदी से बस्तर के विकास के लिए पेश किया नया ब्लूप्रिंट

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की, जिसमें उन्होंने बस्तर के विकास के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। बस्तर, जो नक्सली हिंसा से प्रभावित रहा है, अब शांति की ओर बढ़ रहा है। इस बैठक में, मुख्यमंत्री ने न केवल नक्सलवाद के अंत के बाद प्रदेश में आई शांति के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया, बल्कि बस्तर के समग्र विकास के लिए एक विस्तृत योजना भी साझा की। उन्होंने प्रधानमंत्री को मानसून के बाद बस्तर आने का निमंत्रण दिया, जहां कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर और पूरे राज्य में नक्सलवाद समाप्त हो चुका है और अब शांति स्थापित है। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में नए शैक्षणिक शहर, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया जा रहा है। इंद्रावती नदी पर बैराज, रेल लाइन और एयरपोर्ट के विस्तार से कनेक्टिविटी में सुधार हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से बस्तर में विकास, रोजगार और बेहतर सुविधाओं का नया युग शुरू होगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन से बस्तर को नई दिशा मिलेगी, जिससे क्षेत्र में विश्वास और उत्साह बढ़ेगा।

प्रस्तुत विकास योजना ‘सैचुरेशन, कनेक्ट, फैसिलिटेट, एम्पावर और एंगेज’ रणनीति पर आधारित है। इसके तहत बस्तर में बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जाएगा। दूर-दराज के गांवों को जोड़ने के लिए सड़कों का जाल बिछाया जाएगा। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधूरे कार्यों को 2027 तक पूरा करने के साथ-साथ 228 नई सड़कों और 267 पुलों का निर्माण प्रस्तावित है। इसके अलावा, 61 नई परियोजनाओं के लिए विशेष केंद्रीय सहायता की मांग की गई है।

ऊर्जा और बुनियादी ढांचे में भी बड़े बदलाव की योजना है। हर घर तक बिजली पहुंचाने का कार्य तेज किया जाएगा। शिक्षा के क्षेत्र में 45 पोटा केबिन स्कूलों को स्थायी भवनों में बदला जाएगा। युवाओं के लिए 15 स्टेडियम और 2 मल्टीपर्पज हॉल का निर्माण किया जाएगा। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का विस्तार किया जाएगा। कृषि और सिंचाई के क्षेत्र में इंद्रावती नदी पर दो बड़े प्रोजेक्ट मंजूर किए गए हैं, जो 31,840 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा प्रदान करेंगे।

सरकार ने तीन वर्षीय योजना तैयार की है, जिसका लक्ष्य 2029 तक 85% परिवारों की मासिक आय को 15,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये करना है। ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ योजना के तहत अब अधिक जिलों को जोड़ा जा रहा है। यह योजना 10 जिलों में शुरू की गई थी और अब 7 जिलों और 3 नए जिलों (गरियाबंद, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई) तक विस्तारित हो रही है। ‘अंजोर विजन 2047’ और ‘विकसित भारत@2047’ के तहत स्टार्टअप नीति भी लागू की गई है, जिसमें 2030 तक 5,000 स्टार्टअप तैयार करने का लक्ष्य है।

पर्यटन के क्षेत्र में बस्तर की पहचान को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने के लिए तेजी से काम हो रहा है। चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी नेशनल पार्क, एडवेंचर टूरिज्म, कैनोपी वॉक और ग्लास ब्रिज जैसी परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं। बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजन क्षेत्र को नई पहचान दे रहे हैं। एक लाख से अधिक युवाओं को कौशल ट्रेनिंग दी जा चुकी है, जिनमें से 40 हजार को रोजगार भी मिल चुका है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री के सामने जो कार्ययोजना पेश की, उसमें ‘बस्तर मुन्ने’ (अग्रणी बस्तर) कार्यक्रम एक महत्वपूर्ण पहल है। इस कार्यक्रम के तहत हर ग्राम पंचायत में शिविर लगाए जाएंगे, जहां अधिकारियों की मौजूदगी में लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे दिया जाएगा। इसका उद्देश्य है कि हर व्यक्ति तक सरकार की योजनाएं आसानी से पहुंचें और बस्तर तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़े।

प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे के दौरान जिन प्रमुख परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण की योजना है, उनमें रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन, जगदलपुर एयरपोर्ट का विस्तार, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, दंतेवाड़ा में मेडिकल कॉलेज, जगरगुंडा और ओरछा में एजुकेशन सिटी जैसी महत्वपूर्ण पहल शामिल हैं। ये परियोजनाएं बस्तर को शिक्षा, स्वास्थ्य और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगी.