चीन में डॉक्टरों की लापरवाही पर कार्रवाई, 19 अधिकारियों पर सजा
चीन में डॉक्टरों की लापरवाही का मामला
भारत में डॉक्टरों को भगवान का दर्जा दिया जाता है, और लोग उन्हें पूरी उम्मीद के साथ देखते हैं। लेकिन, कुछ चिकित्सक मरीजों के प्रति लापरवाह हो सकते हैं। यह केवल भारत में नहीं, बल्कि विदेशों में भी देखा गया है। हाल ही में, चीन में कई प्रमुख विश्वविद्यालयों और अस्पतालों को एक गंभीर घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है। एक प्रसिद्ध थोरेसिक सर्जन ने एक मरीज को बेहोश करने के बाद नर्स के साथ झगड़ा किया। बताया गया है कि यह झगड़ा डॉक्टर की प्रेमिका, जो एक जूनियर डॉक्टर हैं, के बचाव में हुआ।
कार्रवाई के तहत 19 अधिकारियों पर सजा
जब इस घटना की जानकारी लोगों को मिली, तो गुस्सा फैल गया और अस्पतालों की व्यवस्था और डॉक्टरों की नैतिकता पर सवाल उठने लगे। इसके बाद, चीन की नेशनल हेल्थ कमीशन (NHC) ने कार्रवाई करते हुए पांच प्रमुख अस्पतालों और विश्वविद्यालयों के 19 बड़े अधिकारियों पर सजा दी। इसमें पार्टी द्वारा कड़ी चेतावनी, अनुशासनात्मक दंड, पदावनति और बर्खास्तगी जैसी सज़ाएं शामिल हैं।
सुधार के आदेश दिए गए संस्थान
जिन संस्थानों को सुधार के लिए कहा गया है, उनमें चाइना-जापान फ्रेंडशिप हॉस्पिटल, पेकिंग यूनियन मेडिकल कॉलेज (PUMC), पेकिंग यूनियन मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल और यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी बीजिंग (USTB) शामिल हैं। 'पीपुल्स डेली' ने इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि इससे लोगों का स्वास्थ्य सेवाओं और डॉक्टरों पर भरोसा फिर से मजबूत हुआ है।
सर्जन पर पत्नी के गंभीर आरोप
इससे पहले, बीजिंग में एक पत्नी ने अपने सर्जन पति पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि उसके कई महिलाओं के साथ संबंध हैं। सर्जन की पत्नी, जो खुद एक डॉक्टर हैं, ने अपने पति के एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स के बारे में संबंधित विभाग को कई पत्र लिखे थे, जिसके बाद अस्पताल ने उस डॉक्टर को निकाल दिया।
