चीन में ट्रंप को मिला दोहरा झटका, जिनपिंग ने नहीं की अगवानी
ट्रंप की बीजिंग यात्रा पर घटनाक्रम
डोनाल्ड ट्रंप की चीन यात्रा के दौरान उन्हें दो महत्वपूर्ण झटके का सामना करना पड़ा। जब वह बीजिंग पहुंचे, तो राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने उनकी अगवानी नहीं की। इसके साथ ही, चीन ने ताइवान को हथियार बेचने के मामले में अमेरिका को चेतावनी दी है। पिछले साल दिसंबर में अमेरिका ने ताइवान के लिए 11 अरब डॉलर के हथियारों के पैकेज को मंजूरी दी थी, जिससे ट्रंप की योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं.
ट्रंप का स्वागत और शी जिनपिंग से बातचीत
ट्रंप का बीजिंग में पारंपरिक स्वागत किया गया, जहां चारों ओर लाल झंडे लहराते नजर आए। हालांकि, जिनपिंग और ट्रंप के बीच हाथ मिलाने में गर्मजोशी की कमी थी। ट्रंप ने कहा कि उनका यहां होना सम्मान की बात है और दोनों देशों के संबंधों में सुधार की उम्मीद जताई।
ट्रंप की चीन यात्रा का असली मकसद
रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप शी जिनपिंग से ईरान के साथ चल रहे महंगे युद्ध को सुलझाने में मदद मांग सकते हैं, लेकिन चीन से सहयोग मिलने की संभावना कम है। विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही शी ईरान के नेताओं को बातचीत के लिए राजी कर लें, लेकिन चीन अपने आर्थिक हितों को नजरअंदाज नहीं करेगा।
ट्रंप की दबाव बनाने की रणनीतियाँ
ट्रंप के पास चीन पर दबाव डालने के कई तरीके हैं, जिसमें बड़े बैंकों पर प्रतिबंध लगाने की धमकी शामिल है। हालांकि, इन उपायों का इस्तेमाल अमेरिका के लिए महंगा साबित हो सकता है। अमेरिका और ईरान के बीच टकराव के कारण तेल की कीमतें बढ़ रही हैं।
चीन और ईरान के संबंध
चीन, ईरान का सबसे बड़ा तेल खरीदार है और ट्रंप के सहयोगी मानते हैं कि शी जिनपिंग ईरानी नेताओं को अमेरिका के साथ समझौता करने के लिए राजी कर सकते हैं। हालांकि, चीन के अपने हित हैं, और वह होर्मुज जलमार्ग को खुलवाने की कोशिश कर रहा है।
शी जिनपिंग की स्थिति
ईरान चीन का एक महत्वपूर्ण सहयोगी है और अमेरिका के मुकाबले एक मजबूत स्थिति में है। यह युद्ध चीन के लिए आर्थिक रूप से नुकसानदेह हो सकता है, लेकिन इसने अमेरिका का ध्यान हिंद-प्रशांत क्षेत्र से हटा दिया है।
विशेषज्ञों की राय
वॉशिंगटन स्थित थिंक टैंक की विशेषज्ञ हेनरिटा लेविन का कहना है कि शी जिनपिंग इस शिखर सम्मेलन में आत्मविश्वास के साथ भाग ले रहे हैं। ट्रंप की पिछले साल की टैरिफ नीति से पीछे हटने के कारण शी को और भी हौसला मिला है।
