चीन के बाओआन समुदाय की अनोखी शादी की रस्में
बाओआन समुदाय की विवाह परंपराएं
वायरल समाचार: शादी के अनोखे रीति-रिवाजों की दुनिया में, चीन के बाओआन जातीय समूह की परंपराएं विशेष रूप से ध्यान आकर्षित करती हैं। इस समुदाय में विवाह के दौरान एक अजीब रस्म होती है, जिसमें दूल्हे के पिता दुल्हन के पिता को प्रतीकात्मक रूप से कोड़े मारते हैं।
‘ससुर को कोड़े मारने’ की रस्म का महत्व
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के अनुसार, बाओआन समुदाय में विवाह के समय एक रस्म होती है जिसे स्थानीय लोग ‘ससुर को कोड़े मारना’ कहते हैं। इस रस्म में दुल्हन के पिता को घुटनों के बल बैठकर यह स्वीकार करना होता है कि वे अपनी बेटी को सही तरीके से अनुशासित नहीं कर पाए। इसके बाद दूल्हे का पिता 20 बार कोड़ा मारने का नाटक करता है, जो कि एक प्रतीकात्मक प्रक्रिया है।
तीन दिन तक चलने वाली शादी की रस्में
बाओआन समुदाय की शादी तीन दिनों तक चलती है, जिसमें कई पारंपरिक रिवाज निभाए जाते हैं। दुल्हन के पिता को दूल्हे के घर के आंगन में बैठाकर औपचारिक माफी मांगने की रस्म होती है, जिसमें कालिख पोतने की परंपरा भी शामिल है।
दूल्हे के पिता पर कालिख का प्रयोग
शादी के दिन दुल्हन की बहनें और रिश्तेदार दूल्हे के घर जाकर मजाक में दूल्हे के पिता के चेहरे पर कालिख लगाती हैं। इसे शुभ संकेत और बधाई का प्रतीक माना जाता है।
पिता की माफी का महत्व
जब दूल्हे के पिता को दुल्हन के घर बुलाया जाता है, तो दुल्हन के पिता उनका स्वागत करते हैं और अपनी बेटी को सही तरीके से अनुशासित न कर पाने के लिए माफी मांगते हैं। इसके बाद दूल्हे का पिता कोड़ा उठाकर 20 बार मारने का नाटक करता है।
शादी के बाद की परंपरा
शादी के बाद, जब मेहमान भोज के लिए बैठते हैं, तब दुल्हन वहां मौजूद नहीं होती। परंपरा के अनुसार, दुल्हन पहले तीन दिनों तक ससुराल का खाना नहीं खाती, बल्कि अपने मायके से लाया हुआ भोजन करती है।
बाओआन समुदाय का परिचय
बाओआन जातीय समूह मुख्य रूप से चीन के उत्तर-पश्चिमी गांसू प्रांत में निवास करता है। इस समुदाय की जनसंख्या लगभग 24 हजार है और ये लोग इस्लाम धर्म का पालन करते हैं। बाओआन समुदाय में एकविवाह की परंपरा है और विवाह चार चरणों में संपन्न होता है।
