चीन की मध्यस्थता में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच वार्ता
चीन ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच चल रहे गंभीर संघर्ष को कम करने के लिए वार्ता की मेज़बानी की है। उरुमकी में हो रही इस वार्ता का उद्देश्य सीमा पार हिंसा को रोकना और व्यापार को फिर से शुरू करना है। दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने के कारण यह वार्ता अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। चीन की मध्यस्थता से क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है, जबकि विवादों का समाधान अभी भी दूर है।
| Apr 2, 2026, 17:22 IST
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच वार्ता का महत्व
चीन ने एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक भूमिका निभाते हुए पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच नई वार्ता की मेज़बानी की है। दोनों पड़ोसी देश अपने बीच के गंभीर संघर्ष को कम करने का प्रयास कर रहे हैं। इस समय, दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी चीन के उत्तर-पश्चिमी शहर उरुमकी में मिल रहे हैं, जो बीजिंग की क्षेत्रीय स्थिरता के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। यह वार्ता उस समय हो रही है जब 2,600 किलोमीटर लंबे सीमा पर हिंसा बढ़ गई है, जो 2021 में तालिबान के सत्ता में लौटने के बाद से सबसे खराब तनाव का दौर है।
