चीन की 6th जनरेशन फाइटर प्रोग्राम में तेजी, भारत की AMCA पर दबाव
चीन की एयर पावर में नई छलांग
चीन ने वैश्विक एयर पावर की दौड़ में एक बार फिर सबको चौंका दिया है। अमेरिकी रक्षा विभाग की 2025 की रिपोर्ट और हाल की सैटेलाइट तस्वीरों से यह स्पष्ट हुआ है कि चीन के दो 6th जनरेशन फाइटर प्रोटोटाइप, चेंगदू J-36 और शेनयांग J-50, पहले से ही उड़ान परीक्षण के चरण में हैं। दिसंबर 2024 में पहली उड़ान के बाद, 2025-2026 में कई प्रोटोटाइप हवा में देखे जा चुके हैं, जिनमें बिना पूंछ वाले डिजाइन, लंबी दूरी, उन्नत स्टेल्थ, AI-इंटीग्रेटेड सिस्टम और ड्रोन टीमिंग जैसी विशेषताएँ शामिल हैं।
भारत की AMCA प्रोग्राम पर प्रभाव
यह विकास भारत के AMCA (एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट) प्रोग्राम के लिए चुनौती बन रहा है, जो अभी भी 5th जनरेशन श्रेणी में है। DRDO और ADA के अनुसार, AMCA का पहला प्रोटोटाइप 2026-2027 में रोलआउट होगा और इसकी पहली उड़ान 2028 में होने की उम्मीद है, जबकि इसका इंडक्शन 2034-2035 तक हो सकता है। इसका मतलब है कि जब भारत 5th जनरेशन में प्रवेश करेगा, तब चीन 6th जनरेशन में आगे निकल चुका होगा।
चीन की प्रगति के कारण
चीन की रैपिड प्रोग्रेस का राज
- J-36: बड़ा, ट्रिपल-इंजन वाला, लॉन्ग-रेंज एयर सुपीरियरिटी फाइटर – 2024 में पहली उड़ान, 2025-2026 में कई अपग्रेडेड प्रोटोटाइप टेस्ट।
- J-50: छोटा, ट्विन-इंजन, टेललेस लैम्ब्डा विंग डिजाइन – 2024 में फ्लाइट, 2025 में हाई-रेजोल्यूशन इमेजेस में दिखा।
- दोनों प्रोग्राम एक साथ चल रहे हैं, जिससे चीन 2030 के शुरुआती वर्षों में ऑपरेशनल क्षमता हासिल कर सकता है।
पाकिस्तान को मिल रहा है लाभ?
दूसरी ओर, पाकिस्तान एयर फोर्स (PAF) चीन से J-35 (5th जनरेशन स्टेल्थ फाइटर) की डिलीवरी 2026-2027 में शुरू करने की योजना बना रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, 4 से 12 J-35E (एक्सपोर्ट वर्जन) की पहली बैच जल्द ही आएगी, जो F-16 की जगह लेगी। यदि पाकिस्तान J-35 को जल्दी शामिल कर लेता है, तो वह भारत से पहले 5th जनरेशन में प्रवेश कर जाएगा।
भारत की स्थिति और चिंताएँ
IAF और DRDO का ध्यान AMCA को तेज करने पर है, लेकिन समयसीमा में देरी का खतरा बना हुआ है। एयर चीफ मार्शल ने हाल ही में पुष्टि की कि AMCA 2028 में उड़ान भरेगा और 2035 में इंडक्शन पर ट्रैक पर है। लेकिन चीन की 6th जनरेशन रेस और पाकिस्तान की J-35 डील से IAF को चिंता है कि क्षेत्रीय एयर सुपीरियॉरिटी में अंतर बढ़ सकता है।
निष्कर्ष
चीन ने जो सोचा, वह कर दिखाया है – 6th जनरेशन फाइटर हवा में उड़ रहा है, जबकि भारत 5th जनरेशन में प्रवेश की तैयारी कर रहा है। अब सवाल यह है कि क्या पाकिस्तान चाइनीज तकनीक से लाभ उठाकर भारत से आगे निकल जाएगा? आने वाले वर्षों में यह एयर पावर संतुलन का एक महत्वपूर्ण कारक बनेगा।
