चारधाम यात्रा में विशेष पूजा शुल्क में बढ़ोतरी की संभावना

चारधाम यात्रा की तैयारियों के बीच, बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में विशेष पूजा के लिए शुल्क में वृद्धि की संभावना जताई जा रही है। बीकेटीसी की आगामी बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी। पिछले कई वर्षों से शुल्क में कोई बदलाव नहीं हुआ है, जबकि श्रद्धालुओं की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। जानें नए शुल्क और समिति की वित्तीय स्थिति के बारे में।
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चारधाम यात्रा में विशेष पूजा शुल्क में बढ़ोतरी की संभावना

चारधाम यात्रा की नई तैयारियाँ

चारधाम यात्रा की तैयारियों के बीच एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। इस वर्ष, बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में विशेष पूजा कराने वाले भक्तों को अधिक शुल्क का भुगतान करना पड़ सकता है। बताया जा रहा है कि बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) अपनी आगामी बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे सकती है।


श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि

हर साल चारधाम यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु केदारनाथ और बदरीनाथ धाम का दौरा करते हैं। सामान्य दर्शन के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता, लेकिन विशेष पूजा और अनुष्ठान के लिए पहले से निर्धारित शुल्क लागू होते हैं।


विशेष पूजा शुल्क की जानकारी

वर्तमान में, केदारनाथ में रुद्राभिषेक पूजा के लिए पांच श्रद्धालुओं से 7200 रुपये लिए जाते हैं। अभिषेक पूजा का शुल्क 9500 रुपये, लघु रुद्राभिषेक के लिए 6100 रुपये और षोडशोपचार पूजा के लिए 5500 रुपये निर्धारित हैं। अष्टोपचार पूजा के लिए 950 रुपये और पूरे दिन की विशेष पूजा के लिए 28600 रुपये शुल्क है।


बदरीनाथ धाम में शुल्क

बदरीनाथ धाम में महाभिषेक पूजा के लिए प्रति यात्री 4700 रुपये, अभिषेक पूजा के लिए 4500 रुपये और पूरे दिन की पूजा के लिए 12000 रुपये शुल्क लिया जाता है। श्रीमद भागवत पाठ के लिए 51000 रुपये की राशि निर्धारित की गई है। पिछले कई वर्षों से इन दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।


वित्तीय दबाव और प्रस्ताव

हाल के वर्षों में चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। बढ़ती भीड़, सुरक्षा प्रबंध, सफाई और व्यवस्थागत आवश्यकताओं को देखते हुए समिति पर वित्तीय दबाव बढ़ा है। इसी संदर्भ में विशेष पूजा शुल्क में वृद्धि का प्रस्ताव तैयार किया गया है।


बीकेटीसी की वित्तीय अनुशासन

हाल ही में, बीकेटीसी ने बकाया राशि वसूली के लिए हेली कंपनियों को नोटिस भेजने की बात भी कही थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि समिति वित्तीय अनुशासन को लेकर गंभीर है। अब सभी की नजर आगामी बोर्ड बैठक पर है, जहां विशेष पूजा की नई दरों को अंतिम रूप दिया जा सकता है और यात्रा शुरू होने से पहले नई व्यवस्था लागू की जा सकती है।