चाय के लिए हुई नोकझोंक ने लिया गंभीर मोड़
बाबरपुर देहात में चाय के विवाद ने बढ़ाई चिंता
बाबरपुर देहात के सिद्धार्थनगर मोहल्ले में एक सामान्य सुबह का माहौल था, लेकिन एक कप चाय के लिए हुई बहस ने एक गंभीर घटना का रूप ले लिया।
इकलाख, जो रोजाना की तरह सुबह चाय पीने की आदत रखते थे, ने उस दिन अपनी पत्नी गुल्फ़शा से चाय बनाने का अनुरोध किया। गुल्फ़शा उस समय अपने मोबाइल में व्यस्त थीं, जिससे इकलाख की बार-बार की आवाज़ ने उन्हें परेशान कर दिया। अंततः उन्होंने चाय तो बनाई, लेकिन उनका गुस्सा कम नहीं हुआ।
गुल्फ़शा ने गर्म चाय का कप देने के बजाय इकलाख पर चाय फेंक दी, जिससे वह चौंक गए। लेकिन मामला यहीं खत्म नहीं हुआ; गुल्फ़शा ने चाय बनाने वाले बर्तन से इकलाख पर हमला कर दिया। इस झगड़े की आवाज़ सुनकर उनके तीनों बच्चे भी डरकर रोने लगे।
जब झगड़ा बढ़ गया, तो गुल्फ़शा बच्चों के साथ मायके चली गई, जबकि इकलाख घायल अवस्था में वहीं रह गए। पड़ोसियों ने उनकी मदद की और पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज हुआ।
इकलाख ने हिम्मत जुटाकर पत्नी के मायके जाकर स्थिति को समझाने की कोशिश की, लेकिन वहां भी उन्हें धमकी दी गई कि अगर उन्होंने और कुछ कहा, तो उनकी जान को खतरा हो सकता है।
जब मामला थाने पहुंचा, तो कोतवाल ललितेश त्रिपाठी ने पुष्टि की कि इकलाख की शिकायत पर उसकी पत्नी गुल्फ़शा और उसके तीन भाइयों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि चाय की छोटी सी बहस इतनी बड़ी लड़ाई में कैसे बदल गई।
लोगों के बीच चर्चा है कि मोबाइल ने रिश्तों में कितना जहर घोल दिया है, जहां पहले प्यार और देखभाल की उम्मीद थी, वहीं अब गुस्सा और अविश्वास का साया मंडरा रहा है।
