चमत्कारी तेल बनाने की विधि और इसके लाभ

इस लेख में हम चिरमिटी से चमत्कारी तेल बनाने की विधि के बारे में जानेंगे। चिरमिटी, जिसे रत्ती या गुंचा भी कहा जाता है, के कई स्वास्थ्य लाभ हैं। जानें इसे कैसे बनाना है और इसके उपयोग के तरीके। यह तेल सिर की मालिश के लिए उपयोगी है और इसके नियमित उपयोग से अच्छे परिणाम मिलते हैं।
 | 
gyanhigyan

चिरमिटी के बारे में जानकारी



  • 250 ग्राम चिरमिटी/रत्ती/घुंघुचि/गुंचा (Abrus Precatorius)

  • यह इसके विभिन्न नाम हैं।

  • यह सफेद और लाल + काले रंग की मनके जैसी होती है।

  • आप इसे जड़ी-बूटी विक्रेताओं या पंसारी की दुकानों पर आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।

  • यदि सफेद रंग की चिरमिटी मिले तो उसे लें, अन्यथा लाल या काले रंग की लें।


चमत्कारी तेल बनाने की प्रक्रिया

चमत्कारी तेल बनाने की विधि और इसके लाभ तेल बनाने की विधि:



  1. चिरमिटी को बारीक पीसकर पाउडर बना लें। छानने के बाद मोटा अंश फेंकें नहीं।

  2. अब छने हुए पाउडर में से लगभग 50 ग्राम अलग रख लें।

  3. बाकी 200 ग्राम पाउडर को 1.5 लीटर पानी में धीमी आंच पर उबालें, जब तक पानी लगभग 500 मिलीलीटर रह जाए।

  4. उबले हुए पानी को छानकर अलग रखें।

  5. एक लोहे की कड़ाही में 200 ग्राम तिल का तेल डालें। यदि तिल का तेल न मिले, तो सरसों का तेल भी ले सकते हैं। अब 500 मिलीलीटर चिरमिटी का उबला हुआ पानी और 50 ग्राम चिरमिटी का पाउडर ठंडे तेल में मिलाएं। ध्यान रखें कि गरम तेल में कुछ न डालें।

  6. इस मिश्रण को धीमी आंच पर पकाएं। जब तेल में से पानी पूरी तरह जल जाए, तो यह परीक्षण करें।

  7. यदि तेल लगी हुई रूई तुरंत जल जाए, तो समझें कि तेल पक गया है। इसे चूल्हे से उतारकर स्टील के बर्तन में डालें और ठंडा होने दें।


तेल लगाने की विधि

तेल लगाने की विधि:



  1. यह तेल दिन में दो बार, सुबह और शाम, सिर पर लगाएं। लगभग 5 मिनट तक मालिश करें।

  2. तेल लगाने के दौरान कोई साबुन या शैंपू का उपयोग न करें। सिर धोने के लिए खट्टी दही, खट्टी लस्सी या नींबू का प्रयोग करें।

  3. हमें पूरा विश्वास है कि एक महीने के प्रयोग के बाद आपको अच्छे परिणाम मिलेंगे।

  4. विशेष: इसके साथ 'अन्नतमूल की जड़' का 2 ग्राम चूर्ण रोजाना सेवन करें।