चक्रवात 'मुरासु' का आंध्र प्रदेश में प्रभाव: ट्रेनें और उड़ानें रद्द
चक्रवात 'मुरासु' का लैंडफॉल
बंगाल की खाड़ी से उत्पन्न चक्रवात 'मुरासु' ने मंगलवार, 3 नवंबर को आंध्र प्रदेश के तट को पार किया। इस तूफान के कारण तटीय क्षेत्रों में तेज हवाएं और भारी बारिश का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग के अनुसार, लैंडफॉल के समय हवा की गति 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा थी, जबकि झोंकों की गति 120 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई। प्रशासन ने तूफान के खतरे को देखते हुए पहले से ही व्यापक सुरक्षा उपाय किए थे।
तूफान का प्रभाव
चक्रवात मुरासु ने आंध्र प्रदेश के ओंगोल के निकट तट को पार किया। इसके प्रभाव से प्रकाशम, नेल्लोर, गुंटूर और अन्य तटीय क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। कुछ स्थानों पर जलभराव के कारण यातायात प्रभावित हुआ। मौसम विभाग ने दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अत्यधिक बारिश की चेतावनी जारी की थी।
यातायात सेवाओं पर असर
तूफान के कारण रेल और हवाई सेवाओं पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने एहतियातन नौ ट्रेनों को रद्द कर दिया, जिनमें विजयवाड़ा, गुडूर, गुंटूर, तेनाली और रेपल्ले से जुड़ी ट्रेनें शामिल हैं।
वहीं, विजयवाड़ा, तिरुपति और विशाखापत्तनम एयरपोर्ट पर भी उड़ानों का संचालन प्रभावित हुआ। 3 नवंबर की सुबह तक राज्य में कम से कम 19 घरेलू उड़ानें रद्द होने की सूचना मिली। यात्रियों को एयरपोर्ट जाने से पहले संबंधित एयरलाइन से उड़ान की स्थिति की जांच करने की सलाह दी गई है।
शिक्षण संस्थानों की छुट्टी
चक्रवात और भारी बारिश की संभावना को देखते हुए आंध्र प्रदेश के कई जिलों में स्कूल और कॉलेज बंद रखने का निर्णय लिया गया। एनटीआर और कृष्णा जिलों में 3 नवंबर को सरकारी और निजी स्कूलों, जूनियर और डिग्री कॉलेजों के साथ-साथ आंगनवाड़ी केंद्रों में छुट्टी घोषित की गई। नेल्लोर और प्रकाशम जिलों में भी शिक्षण संस्थानों को बंद रखने के आदेश दिए गए। प्रशासन ने यह निर्णय विद्यार्थियों और कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया है।
ओडिशा में राहत कार्य
मुरासु के संभावित प्रभाव को देखते हुए ओडिशा में भी राहत और बचाव कार्यों की तैयारी की गई। राज्य में 1.6 लाख से अधिक लोगों को संवेदनशील क्षेत्रों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। सरकार ने आवश्यकता पड़ने पर और लोगों को राहत शिविरों में स्थानांतरित करने की योजना बनाई है। आंध्र प्रदेश में भी आपदा प्रबंधन टीमों को तैनात किया गया है और निचले तथा तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
तमिलनाडु में बारिश का असर
चक्रवात के प्रभाव से तमिलनाडु के चेन्नई और तिरुवल्लूर समेत कई क्षेत्रों में भारी बारिश हुई। मौसम विभाग ने आसपास के क्षेत्रों में भी बारिश के लिए अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने लोगों से समुद्र तटों पर जाने से बचने और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। मछुआरों को भी समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
प्रशासन की अपील
तूफान के बाद प्रभावित क्षेत्रों में तेज बारिश और हवाओं का असर कुछ समय तक बना रह सकता है। प्रशासन ने लोगों को जलभराव वाले रास्तों से दूर रहने, समुद्र के किनारे नहीं जाने और स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। रेलवे और एयरलाइन यात्रियों से भी अपील की गई है कि वे यात्रा से पहले सेवाओं की स्थिति की पुष्टि कर लें।
फिलहाल, चक्रवात मुरासु के तट पार करने के बाद कमजोर होने की प्रक्रिया जारी है, लेकिन इसके प्रभाव से जनजीवन और परिवहन सेवाओं पर स्पष्ट असर देखा जा रहा है।
