चंद्रनाथ रथ की हत्या: पश्चिम बंगाल में राजनीतिक उथल-पुथल
पश्चिम बंगाल में चंद्रनाथ रथ की हत्या ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। रथ, जो भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी थे, की हत्या ने कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। इस घटना के बाद भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया है, जबकि TMC ने आरोपों को खारिज किया है। जानें इस हत्या के पीछे की कहानी और इसके राजनीतिक प्रभाव के बारे में।
| May 7, 2026, 09:20 IST
पश्चिम बंगाल में चंद्रनाथ रथ की हत्या
पश्चिम बंगाल की राजनीतिक स्थिति में आए महत्वपूर्ण परिवर्तनों के बीच, चंद्रनाथ रथ का नाम अचानक चर्चा में आ गया है। कोलकाता के मध्यमग्राम में उनकी क्रूर हत्या ने न केवल राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, बल्कि यह भी दर्शाया है कि वह भाजपा के प्रमुख नेता सुवेंदु अधिकारी के लिए पर्दे के पीछे काम कर रहे थे। 41 वर्षीय रथ को चार गोलियों में से तीन लगीं।
हत्या की घटना का विवरण
पुलिस के अनुसार, रथ की कार का पीछा करते हुए दो वाहन थे - एक चार पहिया और एक मोटरसाइकिल। मोटरसाइकिल ने रथ की कार को ओवरटेक किया और चार पहिया वाहन पर सवार हमलावरों ने भाजपा नेता के पीए पर गोलियां चलाईं, जिससे उनकी मौत हो गई। पुलिस ने आगे की जांच जारी रखने की बात कही है।
पुलिस की कार्रवाई
पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक सिद्धार्थ नाथ गुप्ता ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि अपराध में इस्तेमाल किए गए चार पहिया वाहन को जब्त कर लिया गया है, लेकिन कार की नंबर प्लेट के नकली होने की भी जानकारी मिली है। घटनास्थल से जिंदा और खाली कारतूस भी बरामद हुए हैं।
चंद्रनाथ रथ का व्यक्तिगत जीवन
रथ का जन्म पूर्वी मेदिनीपुर जिले के चांदीपुर में हुआ था, जो राजनीतिक क्षेत्र में अधिकारी के उदय का गवाह रहा है। वह लंबे समय तक सार्वजनिक जीवन से दूर रहे, जबकि अधिकारी के साथ उनके संबंध गहरे थे।
राजनीतिक संबंध और करियर
रथ ने अपनी शिक्षा रहारा रामकृष्ण मिशन से पूरी की और लगभग दो दशकों तक भारतीय वायु सेना में सेवा की। उनके परिवार के अनुसार, राजनीति में आने से पहले, उन्होंने आध्यात्मिक जीवन अपनाने पर विचार किया था। रथ पहले ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) से जुड़े थे, लेकिन 2020 में भाजपा में शामिल हो गए।
अधिकारी के साथ रथ का सहयोग
रथ ने शुरुआत में अधिकारी के मंत्री पद से जुड़े कार्यों को संभाला, लेकिन बाद में वह उनके दाहिने हाथ बन गए। उन्होंने भाजपा नेता के राजनीतिक अभियानों का समन्वय किया। भवानीपुर में बनर्जी के खिलाफ चुनावी लड़ाई में रथ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जहां अधिकारी ने बनर्जी को 15,000 से अधिक वोटों से हराया।
BJP की प्रतिक्रिया
रथ की हत्या पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और TMC को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है। अधिकारी ने कहा कि यह घटना TMC के 15 साल के शासन का परिणाम है। दूसरी ओर, बनर्जी की पार्टी ने इन आरोपों को खारिज किया है और मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग की है।
अधिकारी का बयान
अधिकारी ने पत्रकारों से कहा, "यह एक सोची-समझी और निर्मम हत्या है। DGP ने हमें भरोसा दिलाया है कि वे इस मामले की जांच करेंगे।" उन्होंने यह भी कहा कि हमले के तरीके से स्पष्ट है कि हमलावरों ने पहले से योजना बनाई थी।
