घर में अमरूद का पेड़ लगाने के लाभ और धार्मिक महत्व

अमरूद का महत्व
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर या आंगन में पौधों और पेड़ों का विशेष महत्व होता है। यह माना जाता है कि हर पौधा अपने साथ घर के वातावरण में ऊर्जा और प्रभाव लाता है। अमरूद का पेड़ एक ऐसा पेड़ है, जिसका धार्मिक महत्व और आयुर्वेद में भी विशेष स्थान है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में अमरूद का पेड़ लगाना शुभता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इसे लगाने से नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि होती है।

पंडित दीपक शर्मा के अनुसार, यदि अमरूद का पेड़ दक्षिण-पूर्व दिशा (अग्नि कोण) या पूर्व दिशा में लगाया जाए, तो यह बहुत शुभ होता है। इससे परिवार में सुख-शांति बनी रहती है, बच्चों में खुशी आती है और आर्थिक प्रगति होती है। शास्त्रों में उल्लेख है कि अमरूद का पेड़ लगाने से घर में देवताओं का वास होता है और परिवार पर देवताओं और देवी-देवताओं का आशीर्वाद बना रहता है।
अमरूद का धार्मिक महत्व
पंडित दीपक शर्मा ने बताया कि हिंदू धर्म में अमरूद का पेड़ पवित्र माना जाता है। इसके पत्तों का उपयोग धार्मिक कार्यों, हवन और पूजा में किया जाता है। अमरूद का फल पवित्रता और सात्विकता का प्रतीक माना जाता है। विशेष रूप से, अमरूद का फल और पत्ते भगवान गणेश को अर्पित किए जाते हैं। गणेश को अमरूद अर्पित करने से बाधाएं दूर होती हैं और बुद्धि तथा विवेक की प्राप्ति होती है। यह विश्वास किया जाता है कि अमरूद अर्पित करने से गणपति बप्पा जल्दी प्रसन्न होते हैं और भक्त की सभी इच्छाएं पूरी होती हैं। विशेष रूप से गणेश चतुर्थी से लेकर गणेश विसर्जन तक, बप्पा की पूजा में अमरूद का फल अर्पित करने से उन्हें जल्दी प्रसन्न किया जा सकता है।
अमरूद के आयुर्वेदिक लाभ
धार्मिक लाभों के साथ-साथ, अमरूद के कई आयुर्वेदिक लाभ भी हैं। आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. मुकेश शर्मा ने बताया कि अमरूद को आयुर्वेद में सुपरफ्रूट की श्रेणी में रखा गया है। यह पाचन शक्ति को मजबूत करता है और कब्ज, गैस, और अपच जैसी समस्याओं को दूर करता है। अमरूद में विटामिन C की प्रचुर मात्रा होती है, जो इम्यूनिटी को बढ़ाती है और सर्दी-खांसी से बचाती है। इसके पत्तों का काढ़ा दांत और मसूड़ों की बीमारियों में लाभकारी होता है। अमरूद का सेवन मधुमेह के रोगियों के लिए भी उपयोगी माना जाता है।
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