ग्रेटर नोएडा में स्कूल बस से कुचली 5 साल की बच्ची, चालक फरार
दुखद घटना ग्रेटर नोएडा में
ग्रेटर नोएडा समाचार: ग्रेटर नोएडा के दनकौर कोतवाली क्षेत्र में एक दुखद घटना घटी है। यहां एक 5 साल की बच्ची, जो स्कूल से घर लौट रही थी, उसी स्कूल बस के नीचे आ गई जिससे वह कुछ क्षण पहले उतरी थी। इस हादसे के बाद बस चालक मौके से भाग निकला, जिससे क्षेत्र में शोक और गुस्से का माहौल बन गया है।
जानकारी के अनुसार, दनकौर कोतवाली क्षेत्र के रोशनपुर गांव के निवासी अरुण शर्मा की बेटी भूमि एक निजी स्कूल में कक्षा एक की छात्रा थी। गुरुवार को स्कूल की छुट्टी के बाद वह रोज की तरह स्कूल बस से अपने घर लौट रही थी। बताया गया है कि बस गांव के पास रुकी और भूमि जैसे ही उतरी, बस चालक ने लापरवाही से बस को आगे बढ़ा दिया, जिससे वह बस के पहिए के नीचे आ गई।
पुलिस ने बस को जब्त किया
हादसे के बाद बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। आसपास के लोगों और परिजनों ने उसे तुरंत ग्रेटर नोएडा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन गंभीर चोटों के कारण बच्ची की मृत्यु हो गई। मासूम की मौत की खबर से परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। घटना के बाद बस चालक मौके से फरार हो गया। दनकौर पुलिस ने घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर बस को जब्त कर लिया और जांच शुरू कर दी। पुलिस का कहना है कि आरोपी चालक की तलाश की जा रही है और उसे जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।
स्कूल प्रबंधन पर उठे सवाल
बच्ची की मृत्यु के बाद परिजनों का आरोप है कि स्कूल बस में केवल चालक ही मौजूद था, जबकि हेल्पर की कोई व्यवस्था नहीं थी। छोटे बच्चों को सुरक्षित उतारने और सड़क पार करने में हेल्पर की जिम्मेदारी होती है, लेकिन यहां ऐसा कुछ नहीं था। परिजनों का कहना है कि यदि बस में हेल्पर होता, तो बच्ची को सुरक्षित घर तक पहुंचाया जा सकता था और यह हादसा टल सकता था।
इस घटना ने स्कूल प्रबंधन और परिवहन व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या बस चालक को उचित प्रशिक्षण दिया गया था? क्या सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था? ये सवाल अब स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गए हैं। घटना के बाद गांव के लोगों में भारी आक्रोश है। परिजनों और ग्रामीणों ने चालक और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही के कारण मासूम बच्चों की जान जा रही है, जिसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
