ग्रेटर नोएडा में संविदा कर्मचारी ने ट्रांसफर से नाराज होकर बिजली काटी

ग्रेटर नोएडा के यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में एक संविदा कर्मचारी ने अपने ट्रांसफर से नाराज होकर बिजली आपूर्ति को बाधित कर दिया। इस घटना के कारण कई गांवों में बिजली लगभग तीन घंटे तक ठप रही, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी फैल गई। पुलिस और बिजली विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और बिजली आपूर्ति को फिर से शुरू किया। इस मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
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ग्रेटर नोएडा में संविदा कर्मचारी ने ट्रांसफर से नाराज होकर बिजली काटी gyanhigyan

बिजली आपूर्ति में बाधा

ग्रेटर नोएडा के यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के सेक्टर 32 में स्थित बिजली केंद्र पर एक संविदा कर्मचारी ने अपने ट्रांसफर के कारण हंगामा खड़ा कर दिया। बताया जा रहा है कि कर्मचारी ने शराब के प्रभाव में आकर पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति को बाधित कर दिया, जिससे कई गांवों में बिजली लगभग तीन घंटे तक ठप रही। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है।


ट्रांसफर के बाद नाराजगी

दनकौर के एसडीओ अजय गुप्ता ने संविदा कर्मचारी सुरजीत का ट्रांसफर किया था, जिसके बाद वह नाराज हो गया। बुधवार की रात, सुरजीत नशे में धुत होकर बिजली उपकरण केंद्र पहुंचा और गुस्से में आकर फीडर बंद कर दिया।


गांवों में अंधेरा

इस घटना के कारण तनेजा, वीरामपुर, मुरादगढ़ी, नगला हुकुम सिंह, नगला जहून, नगला भनौता और तीर्थली जैसे कई गांवों में बिजली आपूर्ति अचानक बाधित हो गई। रात करीब 11 बजे तक बिजली सप्लाई प्रभावित रही, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी फैल गई। गर्मी के कारण बिजली कटने से लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।


ग्रामीणों का हंगामा

बिजली कटने की सूचना फैलते ही ग्रामीण बड़ी संख्या में बिजली उपकेंद्र पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जताते हुए कार्रवाई की मांग की। वायरल वीडियो में भी बिजली केंद्र के बाहर लोगों की भीड़ और हंगामे की स्थिति दिखाई दे रही है।


पुलिस और अधिकारियों की कार्रवाई

रात करीब 11 बजे पुलिस और बिजली विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने स्थिति को संभालते हुए बिजली आपूर्ति को फिर से शुरू किया और ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया। थाना प्रभारी श्याम बाबू शुक्ला ने बताया कि पुलिस ने हंगामे की सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई की। विभागीय स्तर पर मामले की जांच की जा रही है।