गौतम बुद्ध नगर में अंतरराष्ट्रीय मज़दूर दिवस के लिए सुरक्षा इंतज़ाम

गौतम बुद्ध नगर में अंतरराष्ट्रीय मज़दूर दिवस के अवसर पर पुलिस ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतज़ाम किए हैं। 13 अप्रैल के हिंसक प्रदर्शनों के बाद, प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू की है। इस सुरक्षा तैनाती में कई वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी शामिल हैं। CCTV और ड्रोन के माध्यम से निगरानी की जाएगी, और अफवाहों पर नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे। जानें इस सुरक्षा योजना के बारे में और क्या है कर्मचारियों की स्थिति।
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गौतम बुद्ध नगर में अंतरराष्ट्रीय मज़दूर दिवस के लिए सुरक्षा इंतज़ाम gyanhigyan

सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम

गौतम बुद्ध नगर पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय मज़दूर दिवस (1 मई) के अवसर पर पूरे जिले में सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए हैं। 13 अप्रैल को हुए हिंसक मज़दूर विरोध प्रदर्शनों के अनुभव से सीख लेते हुए, प्रशासन ने 8 मई तक भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी है। इसका मुख्य उद्देश्य कानून-व्यवस्था को बनाए रखना और औद्योगिक इकाइयों में कामकाज को सुचारू बनाना है। पुलिस ने बताया कि बहुराष्ट्रीय कंपनियों, औद्योगिक इकाइयों और प्रमुख चौराहों पर सुरक्षा को विशेष रूप से बढ़ाया गया है। इसके लिए अन्य जिलों से भी सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है।


तैनाती की विस्तृत जानकारी

पुलिस ने जानकारी दी है कि इस तैनाती में SP रैंक के छह अधिकारी, 14 अतिरिक्त SP, 30 सर्किल अधिकारी, 65 इंस्पेक्टर, 400 सब-इंस्पेक्टर, 150 महिला सब-इंस्पेक्टर, 900 कांस्टेबल, 200 महिला कांस्टेबल और प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (PAC) की 10 कंपनियाँ शामिल हैं। इसके अलावा, दो DCP, तीन अतिरिक्त DCP और चार ACP भी तैनात किए गए हैं।


CCTV और ड्रोन निगरानी

पुलिस ने बताया है कि कंट्रोल रूम में एक राजपत्रित अधिकारी CCTV फुटेज के माध्यम से स्थिति पर नज़र रखेगा। इसके साथ ही, निगरानी के लिए ड्रोन का भी उपयोग किया जाएगा। अतिरिक्त CP (कानून-व्यवस्था) राजीव नारायण मिश्रा ने कहा कि निगरानी के लिए 50 से अधिक ड्रोन और CCTV कैमरे लगाए गए हैं। औद्योगिक इकाइयों और मज़दूर संगठनों के साथ संवाद बनाए रखा जा रहा है।


अफवाहों पर नियंत्रण

अधिकारी ने चेतावनी दी है कि अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि मज़दूर दिवस और उसके बाद के दिन शांतिपूर्ण बने रहें और औद्योगिक गतिविधियाँ सुचारू रूप से चल सकें।


नोएडा में 13 अप्रैल का विरोध

13 अप्रैल को नोएडा में एक बड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ था, जिसमें मज़दूर अपनी मज़दूरी बढ़ाने और बेहतर कामकाजी माहौल की मांग कर रहे थे। यह प्रदर्शन हिंसक हो गया था, जिसमें कई गाड़ियों में आग लगाई गई और पत्थरबाज़ी की गई। अब तक, पुलिस ने इस हिंसा के सिलसिले में 300 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने यह भी संकेत दिया है कि सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट के जरिए हिंसा भड़काने में पाकिस्तान से जुड़े संदिग्धों का हाथ हो सकता है।


कामकाजी हालात में सुधार

हालांकि, यह भी ध्यान देने योग्य है कि नोएडा की कई कंपनियों के कर्मचारियों ने कहा है कि उनके काम करने के हालात में सुधार हुआ है और उनकी मांगें मान ली गई हैं।