गौतम गंभीर ने 2011 वर्ल्ड कप के असली नायक का किया खुलासा

गौतम गंभीर ने 2011 वनडे वर्ल्ड कप की जीत के असली नायक के रूप में युवराज सिंह का नाम लिया है। उन्होंने कहा कि धोनी को जितना बड़ा बताया गया है, उतना योगदान उनका नहीं था। गंभीर का मानना है कि युवराज सिंह को उनकी भूमिका के लिए उचित सराहना नहीं मिली। जानें इस पर गंभीर ने और क्या कहा।
 | 

2011 वनडे वर्ल्ड कप की यादें

आज से 15 साल पहले, 2 अप्रैल 2011 को, भारत ने अपना दूसरा वनडे वर्ल्ड कप खिताब जीता था। इस फाइनल में भारत ने श्रीलंका को 6 विकेट से हराकर 1983 के बाद दूसरी बार ट्रॉफी अपने नाम की। इस ऐतिहासिक जीत का हिस्सा रहे गौतम गंभीर ने हाल ही में एक इंटरव्यू में पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को नहीं, बल्कि एक अन्य खिलाड़ी को इस जीत का असली नायक बताया।


गौतम गंभीर ने 2023 में एक मीडिया चैनल को दिए बयान में कहा कि 2007 टी20 वर्ल्ड कप और 2011 वर्ल्ड कप में महेंद्र सिंह धोनी का योगदान उतना महत्वपूर्ण नहीं था, जितना कि उन्हें प्रचारित किया गया है। उन्होंने युवराज सिंह को इस जीत का असली नायक बताया।


गंभीर ने कहा, 'युवराज सिंह को इन दोनों वर्ल्ड कप में अपने प्रदर्शन के लिए उतनी सराहना नहीं मिली, जितनी उन्हें मिलनी चाहिए थी।' उन्होंने यह भी कहा कि टीम की जीत का श्रेय केवल एक खिलाड़ी को नहीं दिया जा सकता।


गौतम गंभीर ने यह भी कहा कि भारत में खिलाड़ियों को टीम से ऊपर रखा जाता है और मीडिया केवल एक खिलाड़ी पर ध्यान केंद्रित करता है। उन्होंने युवराज सिंह को 2007 और 2011 वर्ल्ड कप में मैन ऑफ द टूर्नामेंट बताया।