गोवा में हरित क्षेत्र के विकास के लिए केंद्र ने मंजूर की सहायता राशि

केंद्र सरकार ने गोवा में 'नमो वन योजना' के लिए छह करोड़ रुपये की सहायता राशि मंजूर की है। इस योजना का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में हरित स्थानों का विकास करना है, जिससे जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का सामना किया जा सके। वन मंत्री विश्वजीत राणे ने इस निर्णय की जानकारी दी और बताया कि अगले पांच वर्षों में शहरी स्थानीय निकाय और राज्य सरकार मिलकर वनों का विस्तार करेंगे। यह पहल गोवा की शहरी वानिकी योजना को और मजबूती प्रदान करेगी।
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गोवा में हरित क्षेत्र के विकास की नई पहल

केंद्र सरकार ने गोवा में पर्यावरण संतुलन को सुधारने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 'नमो वन योजना' के लिए छह करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता को मंजूरी दी है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में समर्पित हरित स्थानों का विकास करना है, ताकि बढ़ते तापमान और जलवायु परिवर्तन के नकारात्मक प्रभावों का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके। गोवा के वन मंत्री, विश्वजीत राणे ने मंगलवार को इस महत्वपूर्ण निर्णय की जानकारी दी।


वन मंत्री ने बताया कि केंद्र की इस सहायता से राज्य के शहरी क्षेत्रों में वनों के विकास की प्रक्रिया को काफी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय प्रतिपूरक वनीकरण निधि प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण ने 'नगर आरोग्य मिशन फॉर ऑक्सीजन' (नमो) वन योजना के दिशा-निर्देशों को स्वीकृति दे दी है। इस मिशन का उद्देश्य शहरों में प्राकृतिक वातावरण को पुनर्स्थापित करना है।


योजना के कार्यान्वयन के बारे में उन्होंने कहा कि अगले पांच वर्षों में शहरी स्थानीय निकाय और राज्य सरकार मिलकर विभिन्न शहरों और कस्बों में वनों का विस्तार करेंगे। यह पहल गोवा की हाल ही में शुरू की गई शहरी वानिकी योजना को और मजबूत करेगी। वन विभाग और शहरी विकास विभाग मिलकर काम करेंगे ताकि शहरी क्षेत्रों में पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ाया जा सके और लोगों को एक स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।