गोवा में नाबालिग के यौन उत्पीड़न के मामले में पुलिस निरीक्षक गिरफ्तार
गोवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई
पंजिम। गोवा पुलिस ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में एक नाबालिग लड़की के साथ कथित यौन उत्पीड़न के मामले में निलंबित पुलिस निरीक्षक विकास देयकर और उनकी सहयोगी रजनी पालेकर को गिरफ्तार किया। पीड़ित नाबालिग ने आरोप लगाया कि जब वह इस वर्ष 25 जुलाई और 27 अक्टूबर को पुलिस स्टेशन गई थी, तब उससे कपड़े उतारने के लिए कहा गया और उसके साथ अश्लील तरीके से छेड़छाड़ की गई। इस घटना के बाद से प्रशासनिक और आम जनता में भारी आक्रोश फैल गया है।
आरोपियों की गिरफ्तारी
उत्तरी गोवा के पुलिस अधीक्षक राहुल गुप्ता ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि दोनों आरोपियों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 35(3) के तहत पूछताछ के लिए बुलाया गया था। पूछताछ के दौरान उनके बयानों में भारी विरोधाभास पाया गया और वे मामले के महत्वपूर्ण पहलुओं पर संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे सके। जांच के दौरान एकत्र किए गए साक्ष्यों, उनकी संदिग्ध संलिप्तता, जांच में असहयोग, गवाहों को प्रभावित करने और साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका के आधार पर पुलिस ने उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया।
कानूनी कार्रवाई
यह ध्यान देने योग्य है कि देयकर पहले से ही अपराध शाखा के साइबर अपराध प्रभाग में पुलिस निरीक्षक के पद पर तैनात थे और मामले के दर्ज होने के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया था। ओल्ड गोवा पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी पुलिस निरीक्षक और महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 75 (यौन उत्पीड़न), 127 (गलत तरीके से बंधक बनाना), 49 (अपराध के लिए उकसाना), 61(2)(a) (आपराधिक षड्यंत्र) के साथ-साथ पॉक्सो कानून (POCSO Act) की धारा 10 और 12 के तहत गंभीर धाराओं में आपराधिक मुकदमा दर्ज किया गया है।
