गोल्ड की कीमतों में तेजी की उम्मीद, 1.63 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंचने का अनुमान
गोल्ड की कीमतों का भविष्य
गोल्डमैन सैक्स ने भविष्यवाणी की है कि इस वर्ष के अंत तक सोने की कीमत 1.63 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुँच सकती है। अमेरिकी बैंक का मानना है कि केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की खरीदारी और अमेरिका में ब्याज दरों में कमी की उम्मीद से सोने की कीमतों में वृद्धि होगी। हालांकि, उन्होंने शॉर्ट टर्म में सोने की कीमतों में गिरावट का भी अनुमान लगाया है।
गोल्ड रिजर्व में संभावित वृद्धि
गोल्डमैन सैक्स ने बताया कि जियोपॉलिटिकल तनाव और शेयर तथा बॉंड बाजार में गिरावट का असर सोने की कीमतों पर पड़ सकता है। एक सर्वेक्षण के अनुसार, 23 केंद्रीय बैंकों में से 70 प्रतिशत का मानना है कि अगले 12 महीनों में सोने के रिजर्व में वृद्धि हो सकती है।
ब्याज दरों में कमी का प्रभाव
अमेरिकी केंद्रीय बैंक, फेडरल रिजर्व, ब्याज दरों में 0.50 प्रतिशत की कमी कर सकता है, जिससे सोने की कीमतों को समर्थन मिलेगा। ब्याज दरों में कमी के समय सोने की मांग बढ़ जाती है, जो कीमतों पर सकारात्मक प्रभाव डालती है। हालाँकि, 29 अप्रैल को फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया।
सोने की कीमतों में वृद्धि
30 अप्रैल को देश और विदेश में सोने की कीमतों में वृद्धि देखी गई। कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स में सोने के फ्यूचर्स 1.69 प्रतिशत बढ़कर 1,51,566 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुँच गए। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत 1.80 प्रतिशत बढ़कर 4,627 डॉलर प्रति औंस हो गई।
शॉर्ट टर्म में दबाव
हालांकि, जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण सोने की कीमतों पर दबाव बना रह सकता है। सुरक्षित निवेश के रूप में सोने में रुचि बनी हुई है। रिसर्च एनालिस्ट गौरव गर्ग के अनुसार, सोने की खरीदारी का असर उसकी कीमतों पर दिख रहा है, लेकिन वर्तमान में सोने पर दबाव हो सकता है।
निवेश की मांग में वृद्धि
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल ने 29 अप्रैल को बताया कि मार्च तिमाही में भारत में सोने की ज्वेलरी की खरीदारी की तुलना में निवेश में अधिक रुचि देखी गई। यह पहली बार हुआ है जब निवेश की मांग ज्वेलरी की मांग से अधिक रही।
मार्च तिमाही में सोने की खपत
मार्च तिमाही में भारत में सोने की खपत 10 प्रतिशत बढ़ी। इस अवधि में सोने की निवेश मांग पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 52 प्रतिशत अधिक रही, जबकि ज्वेलरी की मांग 19.5 प्रतिशत घटकर 66 टन पर आ गई। मार्च तिमाही में भारत में सोने की कुल खपत 151 टन रही।
