गोपालगंज में संतोष यादव हत्या मामले का बड़ा खुलासा, भाई निकला मास्टरमाइंड

गोपालगंज में मुकबधिर संतोष यादव की हत्या के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। मृतक का भाई रामकिशोर यादव हत्या का मास्टरमाइंड निकला है। पुलिस ने शूटर और मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि पहले जेल भेजे गए तीन निर्दोष व्यक्तियों को रिहा करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। एसपी ने गलत अनुसंधान के लिए थानाध्यक्ष को निलंबित किया है। जानें इस मामले की पूरी कहानी और पुलिस की कार्रवाई के बारे में।
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हत्या के मामले में नया मोड़

गोपालगंज में संतोष यादव हत्या मामले का बड़ा खुलासा, भाई निकला मास्टरमाइंड


गोपालगंज में चर्चित मुकबधिर संतोष यादव की हत्या के मामले में पुलिस ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। इस मामले में मृतक का अपना भाई ही हत्या का मुख्य योजनाकार निकला है। पुलिस ने शूटर और मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही, पहले जेल भेजे गए तीन निर्दोष व्यक्तियों को रिहा करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। मीरगंज थानाध्यक्ष दुर्गानंद मिश्रा को गलत अनुसंधान के आरोप में निलंबित किया गया है।


मामले का विवरण

3 मई को मीरगंज थाना क्षेत्र के जिगना गांव में संतोष यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने मदन कुमार, हरिनंदन यादव और हरिकेश यादव को नामजद आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया था। लेकिन, एसपी विनय तिवारी के निर्देश पर जब तकनीकी और वैज्ञानिक तरीके से जांच की गई, तो मामला पूरी तरह बदल गया। जांच में पता चला कि संतोष यादव और उसके भाई रामकिशोर यादव की पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता था। इसी कारण रामकिशोर अपने भाई को रास्ते से हटाने की योजना बना रहा था।


भाई निकला हत्याकांड का मास्टरमाइंड

पुलिस की जांच में यह सामने आया कि रामकिशोर यादव ने अपने पुराने दोस्त राजकिशोर को हत्या के लिए बुलाया। घटना की रात करीब डेढ़ बजे राजकिशोर को घर लाया गया, जहां उसने संतोष यादव को गोली मारी। हत्या के बाद रामकिशोर ने आधे घंटे तक इंतजार किया ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि संतोष की मौत हो गई है, और फिर डायल-112 पर फोन कर पुलिस को घटना की सूचना दी। तकनीकी साक्ष्य और मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस ने शूटर राजकिशोर और मृतक के भाई रामकिशोर यादव को गिरफ्तार कर लिया।


पुलिस का बयान

एसपी विनय तिवारी ने बताया कि सही तरीके से अनुसंधान कर असली आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पहले गिरफ्तार किए गए तीन निर्दोष व्यक्तियों को रिहा कराने के लिए कोर्ट में आवेदन दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि गलत जांच और निर्दोषों को जेल भेजने के मामले में मीरगंज थानाध्यक्ष दुर्गानंद मिश्रा को निलंबित किया गया है। एसपी ने स्पष्ट किया कि अपराधिक घटनाओं में बिना जांच किए किसी भी नामजद व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा।