गोंदिया में बुजुर्ग दंपत्ति के मामले में जिलाधीश का महत्वपूर्ण आदेश
गोंदिया में एक बुजुर्ग दंपत्ति को उनके बेटे द्वारा प्रताड़ित किए जाने के मामले में जिलाधीश ने महत्वपूर्ण आदेश दिया है। उन्होंने बेटे को 15 दिनों के भीतर मकान खाली करने का निर्देश दिया है। यह मामला तब सामने आया जब बेटे ने अपने माता-पिता के साथ मारपीट की और उन्हें घर से बाहर निकाल दिया। इस निर्णय ने बुजुर्ग दंपत्ति को न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
| May 23, 2026, 06:53 IST
गोंदिया संपत्ति विवाद की जानकारी
गोंदिया में एक बुजुर्ग दंपत्ति को प्रताड़ित कर उनके घर से निकालने के मामले में, जिलाधीश ने उनके बेटे को 15 दिनों के भीतर मकान खाली करने का निर्देश दिया है।
बुजुर्ग दंपत्ति की स्थिति

गोंदिया के बाजपेयी वार्ड में रहने वाले 86 वर्षीय हरिराम मंदारकर और उनकी 79 वर्षीय पत्नी कौशल्या मंदारकर को उनके बेटे दिनेश ने प्रताड़ित किया। जिलाधीश ने इस मामले में स्पष्ट किया कि संबंधित संपत्ति पर पूरा अधिकार बुजुर्ग दंपत्ति का है।
संपत्ति विवाद का विवरण
दिनेश ने 13 मई 2025 को अपने माता-पिता के साथ गाली-गलौज और मारपीट की, जिससे उन्हें घर से बाहर निकाल दिया गया। इसके बाद बुजुर्ग दंपत्ति ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और वरिष्ठ नागरिक कल्याण अधिनियम के तहत न्याय की मांग की।
कानूनी अधिकारों का निर्धारण
जिलाधीश ने सुनवाई के दौरान यह स्पष्ट किया कि बेटे या बहू को माता-पिता की इच्छा के खिलाफ मकान में रहने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है।
