गृह मंत्रालय का स्मार्टफोन यूजर्स के लिए साइबर फ्रॉड पर चेतावनी

गृह मंत्रालय ने सभी स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है, जिसमें USSD-बेस्ड कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम के बारे में जानकारी दी गई है। ठग खुद को डिलीवरी एजेंट बताकर लोगों को धोखा दे रहे हैं। इस लेख में, जानें कि इस धोखाधड़ी से कैसे बचें और यदि आप पहले से फंस चुके हैं तो क्या कदम उठाएं। I4C ने सुरक्षा उपायों की एक सूची भी प्रदान की है, जो आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण हो सकती है।
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गृह मंत्रालय का स्मार्टफोन यूजर्स के लिए साइबर फ्रॉड पर चेतावनी

साइबर फ्रॉड के बढ़ते मामलों पर गृह मंत्रालय का अलर्ट

देश में साइबर धोखाधड़ी के मामलों में वृद्धि के चलते, गृह मंत्रालय के अंतर्गत भारतीय साइबर क्राइम समन्वय केंद्र (I4C) ने सभी स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है। यह चेतावनी जनवरी 2026 में जारी की गई है, जिसमें मुख्य रूप से USSD-बेस्ड कॉल फॉरवर्डिंग धोखाधड़ी पर ध्यान केंद्रित किया गया है। यह धोखाधड़ी तेजी से फैल रही है और इसमें ठग लोगों के बैंक खातों को खाली कर रहे हैं।


नया धोखाधड़ी क्या है?

धोखेबाज खुद को डिलीवरी या कूरियर एजेंट बताकर फोन करते हैं। वे कहते हैं कि आपके पैकेज की पुष्टि या पुनर्निर्धारण के लिए एक छोटा कोड डायल करना होगा। वास्तव में, वे आपको खतरनाक USSD कोड डायल करने के लिए मजबूर करते हैं (जैसे 21 उनके नंबर के साथ #, या इसी तरह के अन्य कोड जैसे 61, 67 आदि)।


एक बार जब आप यह कोड डायल कर लेते हैं:



  • आपके फोन पर आने वाली सभी कॉल्स (जैसे बैंक से OTP कॉल्स, वेरिफिकेशन अलर्ट्स, WhatsApp/Telegram कोड आदि) ठग के फोन पर रीडायरेक्ट हो जाती हैं।

  • आपको यह भी नहीं पता चलता कि आपका फोन “साइलेंट” हो गया है।

  • ठग आपके बैंक खाते में लेनदेन कर लेते हैं, क्योंकि OTP उनके पास चला जाता है।


यह धोखाधड़ी बेहद खतरनाक है क्योंकि इसमें किसी मैलवेयर या ऐप को इंस्टॉल करने की आवश्यकता नहीं होती। ठग मोबाइल के बिल्ट-इन फीचर (कॉल फॉरवर्डिंग) का गलत उपयोग करते हैं।


I4C की सुरक्षा सलाह

I4C ने क्या सलाह दी है? (सुरक्षा के उपाय)



  • किसी अनजान व्यक्ति द्वारा बताए गए USSD कोड कभी भी डायल न करें, विशेषकर जो 21, 61, 67 आदि से शुरू होते हैं।

  • डिलीवरी या कूरियर से संबंधित किसी भी SMS/लिंक पर क्लिक न करें। हमेशा आधिकारिक वेबसाइट या ग्राहक सेवा से सत्यापित करें।

  • यदि आपको संदेह है कि कॉल फॉरवर्डिंग चालू हो गई है, तो तुरंत ##002# डायल करके सभी फॉरवर्डिंग को निष्क्रिय कर दें।

  • संदिग्ध कॉल या संदेश पर तुरंत कार्रवाई करें।


अगर आप पहले से फंस चुके हैं तो क्या करें?

तुरंत:



  • नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें।

  • या पर शिकायत दर्ज करें।

  • बैंक को सूचित करें और अपने खाते को फ्रीज/लेनदेन ब्लॉक करवाएं।


I4C ने हाल ही में अन्य धोखाधड़ी जैसे WhatsApp अकाउंट रेंटिंग, मैट्रिमोनियल प्लेटफार्मों पर निवेश धोखाधड़ी आदि पर भी चेतावनी जारी की है। लेकिन यह कॉल फॉरवर्डिंग वाला धोखाधड़ी सबसे नया और सभी स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं के लिए सीधा खतरा है।