गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज में नवजात की मौत पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन

मुख्यमंत्री का बयान
गुवाहाटी, 30 अगस्त: मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को कहा कि राज्य सरकार गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (GMCH) के नवजात गहन चिकित्सा इकाई (NICU) में हाल ही में हुई चार दिन के नवजात की मौत के मामले में जांच रिपोर्ट के आधार पर कठोर कार्रवाई करेगी।
सरमा ने कहा, "GMCH पर रिपोर्ट कल प्रस्तुत की गई थी और सरकार उन सभी के खिलाफ कार्रवाई करेगी जिनका नाम इसमें है। मैंने संबंधित विभागों को उचित कार्रवाई करने के लिए पहले ही कह दिया है।"
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि रिपोर्ट केवल जिम्मेदारी का निर्धारण नहीं करती, बल्कि अस्पताल की प्रणाली को मजबूत करने के लिए सुधारात्मक उपाय भी प्रदान करती है।
उन्होंने कहा, "केवल कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं होगा। रिपोर्ट में GMCH के लिए कई सुधारों का सुझाव दिया गया है। इसमें विशेष नवजात देखभाल इकाई (SNCU) के रखरखाव, सुरक्षा बढ़ाने और आने वाले तथा निवास करने वाले डॉक्टरों को दी जाने वाली सुविधाओं का उल्लेख है। ये महत्वपूर्ण मुद्दे हैं जिनका हमें समाधान करना चाहिए।"
उनके अनुसार, समिति की रिपोर्ट में अल्पकालिक, मध्यकालिक और दीर्घकालिक उपायों का उल्लेख किया गया है, जिन्हें सरकार चरणबद्ध तरीके से लागू करने की योजना बना रही है।
सरमा ने समझाया, "हम पहले इस घटना से सीधे जुड़े मुद्दों का समाधान करेंगे और फिर धीरे-धीरे मध्य और दीर्घकालिक सुधारों को लागू करेंगे।"
यह घटना 18 अगस्त को हुई, जब नवजात को NICU में पीलिया के इलाज के दौरान मौत हो गई। राज्य सरकार ने तुरंत इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया।
बच्चे की मौत के बाद, 20 अगस्त को उस रात ड्यूटी पर मौजूद NICU की एक नर्स, भानुप्रिया मिशोंग को गिरफ्तार किया गया और भांगागढ़ पुलिस द्वारा पूछताछ की गई।
इस घटना ने असम में नर्सों के संघों और स्वास्थ्य संगठनों द्वारा व्यापक विरोध प्रदर्शन को जन्म दिया, जिन्होंने GMCH के प्रिंसिपल के निलंबन और स्थानांतरण की मांग की और गिरफ्तार नर्स के प्रति एकजुटता व्यक्त की।