गुर्दे और मूत्राशय की पथरी के लिए प्रभावी घरेलू उपाय

गुर्दे और मूत्राशय की पथरी से राहत पाने के लिए एक प्रभावी घरेलू उपाय प्रस्तुत किया गया है। इस लेख में काढ़ा बनाने की विधि, सेवन का तरीका और खाने-पीने की सलाह दी गई है। जानें कैसे आप बिना सर्जरी के इस समस्या से निजात पा सकते हैं।
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गुर्दे और मूत्राशय की पथरी के लिए प्रभावी घरेलू उपाय gyanhigyan

गुर्दे की पथरी और मूत्राशय की पथरी का इलाज

गुर्दे और मूत्राशय की पथरी के लिए प्रभावी घरेलू उपाय


गुर्दे की पथरी और मूत्राशय की पथरी के लिए यह लेख एक प्रभावी उपाय प्रस्तुत करता है। आप बिना किसी सर्जरी के इस समस्या से निजात पा सकते हैं।


काढ़ा बनाने की विधि

250 ग्राम साफ कुल्थी को 3 लीटर शुद्ध पानी में रातभर भिगोकर रखें। सुबह उठकर कुल्थी के साथ उस पानी को धीमी आंच पर 3-4 घंटे तक पकाएं। जब पानी 1 लीटर रह जाए, तो इसे उतार लें। इसके बाद, 30 ग्राम काढ़े में 50 ग्राम देसी घी का तड़का लगाएं, साथ में थोड़ा जीरा, सेंधा नमक, हल्दी और काली मिर्च डालें। आपका चमत्कारी काढ़ा तैयार है।


काढ़ा सेवन करने का तरीका

इस काढ़े का सेवन दिन में एक बार, दोपहर 1 बजे के आसपास भोजन के स्थान पर 200 ग्राम करें। 1 या 2 हफ्ते में आपकी पथरी बिना किसी सर्जरी के बाहर निकल जाएगी। यह एक आजमाया हुआ नुस्खा है, अवश्य आजमाएं। ध्यान रखें, जब तक पथरी बाहर न निकले, तब तक प्रयोग जारी रखें।


क्या खा सकते हैं?

पथरी से पीड़ित व्यक्ति को कुल्थी, खीरा, तरबूज़ के बीज, चावल का साग, मूली, आवला, बथुआ, जौ, अनानस, गोखरू और मूंगदाल का सेवन लाभकारी है।


क्या ना खाएं?

पालक, टमाटर, बैंगन (बीजयुक्त फल और सब्जियां), चावल, उड़द, सूखे मेवे, चाय, चॉकलेट, मांसाहार और मद्यपान पथरी के लिए हानिकारक हैं।


कृपया ध्यान दें: दिन में कम से कम 8-10 लीटर पानी पिएं। पेशाब को रोकें नहीं। लंबे समय तक एक ही जगह न बैठें। चूना न खाएं। कैल्शियम युक्त आहारों से बचें।