गुरुग्राम में युवक की हत्या: पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और जांच शुरू

गुरुग्राम के फर्रुखनगर में 22 वर्षीय युवक सागर की हत्या के मामले में पुलिस की लापरवाही के आरोपों के चलते दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। परिवार का कहना है कि यदि पुलिस ने समय पर कार्रवाई की होती, तो यह जानलेवा हमला टाला जा सकता था। इस मामले में अब तक नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जानें इस घटना की पूरी जानकारी और पुलिस की कार्रवाई के बारे में।
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गुरुग्राम में हत्या के मामले में पुलिस की लापरवाही

गुरुग्राम, 9 अगस्त: हरियाणा के फर्रुखनगर क्षेत्र में 22 वर्षीय युवक की हत्या के बाद पुलिस की लापरवाही के आरोपों के चलते दो पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। इस मामले में विभागीय जांच भी आरंभ की गई है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि हेड कांस्टेबल अशोक और कांस्टेबल विनोद को निलंबित किया गया है। मृतक युवक सागर के परिवार ने आरोप लगाया कि यदि पुलिस ने समय पर कार्रवाई की होती, तो विवाद को बढ़ने से रोका जा सकता था और उसकी हत्या टाली जा सकती थी।


अधिकारियों के अनुसार, सागर के पिता मुन्नीलाल ने 3 अगस्त को करौला गांव के सचेत उर्फ मुन्ना के साथ विवाद के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। 6 अगस्त को सागर, जो बेंगलुरु में काम करता था, अपने घर लौटा था। उसके साथ उसका भाई और अन्य रिश्तेदार स्थानीय बस स्टैंड से घर लौट रहे थे।


अधिकारी ने बताया कि सचेत और उसके साथियों ने कथित तौर पर सागर के घर में घुसकर परिवार के साथ मारपीट की। इस दौरान एक आरोपी ने जान से मारने की नीयत से गोली चलाई, जो सागर को लगी। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।


घटना के बाद फर्रुखनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। सागर के परिवार ने आरोप लगाया कि यदि पुलिस ने प्रारंभिक विवाद के बाद कार्रवाई की होती, तो यह जानलेवा हमला नहीं होता। अपराध शाखा की टीम ने अब तक रोहतक के आजादगढ़ से नौ लोगों को गिरफ्तार किया है।


गिरफ्तार किए गए लोगों में झज्जर जिले के ओम, विनय कुमार और साहिल; सोनीपत जिले के गौतम, अश्विनी, मंदीप उर्फ डिप्पी, अनुष उर्फ चिनू और सुनील उर्फ अभिषेक उर्फ खोटा; तथा गुरुग्राम जिले का सचेत उर्फ मुन्ना शामिल हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की है कि दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है और मामले की जांच जारी है।