गुरु-पुष्य योग 2026: इस दिन खरीदें ये चीजें, धन की कमी नहीं होगी
गुरु-पुष्य योग का महत्व और खरीदारी
गुरु-पुष्य योग 2026 खरीदारी: सनातन धर्म में गुरु-पुष्य योग को अत्यंत शुभ माना जाता है। यह योग तब उत्पन्न होता है जब गुरुवार को पुष्य नक्षत्र का संयोग होता है। ज्योतिष में इसे गुरुपुष्यामृत योग भी कहा जाता है। वर्ष 2026 में यह विशेष योग 18 जून को बनेगा। मान्यता है कि इस दिन किए गए शुभ कार्य, निवेश और खरीदारी दीर्घकालिक लाभ प्रदान करते हैं। इसलिए लोग इस दिन कुछ विशेष वस्तुओं को घर लाना शुभ मानते हैं।
गुरु-पुष्य योग का महत्व
ज्योतिषीय दृष्टिकोण से, गुरु-पुष्य योग को नए कार्यों की शुरुआत, व्यापार, संपत्ति की खरीद और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि इस योग में किए गए कार्यों का सकारात्मक प्रभाव लंबे समय तक बना रहता है। इसलिए कई लोग इस दिन विशेष खरीदारी करना पसंद करते हैं।
- एकाक्षी नारियल: गुरु-पुष्य योग में एकाक्षी नारियल खरीदकर पूजा स्थल पर रखने की परंपरा है। इसे मां लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इसकी पूजा से घर में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है।
- पीली कौड़ियां: शास्त्रों में पीली कौड़ियों को मां लक्ष्मी से जोड़ा गया है। मान्यता है कि गुरु-पुष्य योग के दिन सात पीली कौड़ियां खरीदकर पूजन के बाद तिजोरी में रखने से आर्थिक उन्नति के योग बनते हैं।
- पीतल का हाथी: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गुरु-पुष्य योग में पीतल का हाथी खरीदना शुभ माना जाता है। इसे समृद्धि और स्थिरता का प्रतीक माना जाता है। इसे घर में रखने से आर्थिक स्थिति मजबूत बनी रहती है।
- महालक्ष्मी यंत्र: मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए इस दिन महालक्ष्मी यंत्र की स्थापना भी शुभ मानी जाती है। इसे घर या व्यापार स्थल पर स्थापित करने से धन संबंधी मामलों में सकारात्मकता आने की मान्यता है।
- शंखपुष्पी की जड़: धार्मिक विश्वास के अनुसार, शंखपुष्पी की जड़ को इस दिन घर लाकर विधि-विधान से पूजन करने के बाद धन स्थान पर रखना शुभ माना जाता है। इसे समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना गया है।
(यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।)
