गुरमीत राम रहीम को मिली नई पैरोल: क्या है सिस्टम की सच्चाई?
गुरमीत राम रहीम की पैरोल पर सवाल
गुरमीत राम रहीम
डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम को एक बार फिर पैरोल पर रिहा किया गया है। उनकी लगातार मिल रही छुट्टियों को देखकर ऐसा लगता है कि सिस्टम ने नियमों को नजरअंदाज कर दिया है। राम रहीम के लिए यह नियम अब एक खेल बन गए हैं, जिससे वह अपनी शक्ति का उपयोग कर रहा है।
राम रहीम को मिली सजा अब एक मजाक बनकर रह गई है। यह सवाल उठता है कि आखिरकार बलात्कारी राम रहीम को किसका सरकारी समर्थन प्राप्त है? क्या अगर कोई अन्य कैदी होता, तो उसे भी ऐसी ही सुविधाएं मिलतीं?
राम रहीम की मौज-मस्ती का कैलेंडर
राम रहीम अब 40 दिन की पैरोल पर जेल से बाहर हैं। सोमवार को वह सुनारिया जेल से निकले और सिरसा डेरे की ओर रवाना हुए। यह जानकर हैरानी होती है कि जिस व्यक्ति को रेप और हत्या के लिए सजा मिली है, वह इस सजा को छुट्टियों में बदल रहा है।
पैरोल का इतिहास
राम रहीम 2017 से जेल में हैं। उन्हें पहली बार 2021 में छुट्टी मिली, और उसके बाद से उनकी पैरोल का सिलसिला जारी है। 2020 में वह 2 दिन के लिए बाहर आए, जबकि 2022 में उन्होंने 91 दिन की पैरोल का आनंद लिया। 2023 में भी उन्हें 91 दिन की छुट्टी मिली। 2024 में यह संख्या 92 दिन हो जाएगी।
पैरोल के नियम
नियमों के अनुसार, पैरोल केवल उन्हीं कैदियों को मिलती है जो एक साल की सजा काट चुके हैं। इसके अलावा, यह उनके अच्छे आचरण पर निर्भर करती है। पैरोल के लिए कुछ विशेष शर्तें होती हैं, जैसे परिवार के सदस्य की मृत्यु या गंभीर बीमारी।
राम रहीम की गतिविधियाँ
पैरोल पर रहते हुए, राम रहीम ने कई वीडियो सॉन्ग लॉन्च किए और ऑनलाइन सत्संग आयोजित किए। यह सवाल उठता है कि क्या वह पैरोल की सभी शर्तों का पालन कर रहे हैं।
सिस्टम पर सवाल
राम रहीम को बार-बार पैरोल मिलना सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है। अदालतें भी इस पर सख्त टिप्पणी कर चुकी हैं, लेकिन फिर भी उन्हें विशेष सुविधाएं मिलती हैं।
क्या है असली कारण?
क्या राम रहीम को मिलने वाली पैरोल राजनीतिक लाभ के लिए है? पिछले कुछ वर्षों में उनकी छुट्टियों का समय चुनावों से जुड़ा रहा है।
निष्कर्ष
गुरमीत राम रहीम की पैरोल पर उठते सवाल यह दर्शाते हैं कि क्या कानून सभी के लिए समान है। क्या आम कैदियों को भी ऐसी सुविधाएं मिलती हैं? यह एक गंभीर मुद्दा है जो समाज में चर्चा का विषय बना हुआ है।
