गुड़ बनाम चीनी: कौन है स्वास्थ्य के लिए बेहतर विकल्प?

गुड़ और चीनी का उपयोग हमारे दैनिक जीवन में आम है, लेकिन इनमें से कौन सा विकल्प स्वास्थ्य के लिए बेहतर है? इस लेख में, हम विशेषज्ञों की राय और दोनों के पोषण संबंधी पहलुओं पर चर्चा करेंगे। जानें कि गुड़ और चीनी का ग्लाइसेमिक इंडेक्स क्या है और कौन सा विकल्प आपके लिए अधिक फायदेमंद हो सकता है।
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गुड़ बनाम चीनी: कौन है स्वास्थ्य के लिए बेहतर विकल्प? gyanhigyan

गुड़ और चीनी का स्वास्थ्य पर प्रभाव

गुड़ बनाम चीनी: चाय से लेकर मिठाई तक, चीनी और गुड़ का उपयोग बहुतायत में होता है। लेकिन अक्सर यह सवाल उठता है कि इनमें से कौन सा विकल्प अधिक स्वास्थ्यवर्धक है।


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गुड़ और चीनी दोनों गन्ने के रस से बनते हैं, लेकिन उनके निर्माण की प्रक्रिया में भिन्नता के कारण उनके पोषक तत्व भी अलग होते हैं। यदि आप मीठा खाने के दौरान स्वास्थ्यवर्धक विकल्प चुनना चाहते हैं, तो दोनों के लाभ और हानि को समझना आवश्यक है।


विशेषज्ञों की राय

गुड़ और चीनी का शरीर पर प्रभाव लगभग समान होता है। जब ये हमारे शरीर में प्रवेश करते हैं, तो ग्लूकोज का निर्माण होता है। पैंक्रियाज इन दोनों में कोई भेद नहीं करता है।


ग्लाइसेमिक इंडेक्स


  • चीनी में 100% शुक्रोज होता है, जिसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स 65 है।

  • गुड़ में 65-85% शुक्रोज होता है और इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स 84 है।


इसका मतलब है कि गुड़ का ग्लाइसेमिक इंडेक्स चीनी से अधिक है। ग्लाइसेमिक इंडेक्स यह दर्शाता है कि भोजन कितनी तेजी से रक्त में शुगर बढ़ाता है। उच्च ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाली चीजों का सेवन करने से अक्सर मना किया जाता है।


गुड़ में पोषक तत्व

विशेषज्ञों के अनुसार, गुड़ में आयरन और पोटैशियम जैसे तत्व होते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इनकी मात्रा बहुत कम होती है? लगभग 100 ग्राम गुड़ में 11 मिलीग्राम आयरन होता है। हालांकि, ज्यादातर लोग केवल एक छोटा टुकड़ा गुड़ का सेवन करते हैं, जिससे उन्हें केवल 1.1 मिलीग्राम आयरन मिलता है। यह मात्रा पालक के पत्तों से भी प्राप्त की जा सकती है। गुड़ का सेवन करते समय, आयरन के साथ-साथ शुगर और कैलोरी भी शरीर में जाती है। उदाहरण के लिए, आयरन के लिए गुड़ खाना, नींबू के रस के साथ शराब पीने के समान है।


गुड़ को हेल्दी मानकर लोग इसका अधिक सेवन करने लगते हैं। 2017 में एक अध्ययन में पाया गया कि यदि किसी पैकेट पर 'नेचुरल' लिखा हो, तो लोग उसे 35% अधिक खरीदते हैं।


विशेषज्ञों का कहना है कि चीनी और गुड़ वास्तव में समान हैं। दोनों ही फैटी लिवर और बेली फैट का कारण बन सकते हैं। इसलिए, चीनी और गुड़ के चयन से ज्यादा महत्वपूर्ण है कि आप उनकी मात्रा पर ध्यान दें। एक चम्मच चीनी, दो चम्मच गुड़ से बेहतर है।


चीनी और गुड़ का कार्बोहाइड्रेट


चीनी (फोटो.सोशल मीडिया)



हालांकि चीनी से शरीर को त्वरित ऊर्जा मिलती है, लेकिन इससे रक्त शुगर तेजी से बढ़ता है। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि 100 ग्राम गुड़ में 98 ग्राम कार्बोहाइड्रेट होता है, जबकि चीनी में 100 ग्राम कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है। दोनों में केवल 2 ग्राम का अंतर है।