गुजरात सरकार का नया नियम: ग्राहकों के अधिकारों की सुरक्षा
गुजरात सरकार का महत्वपूर्ण निर्णय
गुजरात सरकार ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, जिसका उद्देश्य ग्राहकों के अधिकारों और हितों की रक्षा करना है। अब यदि कोई दुकानदार आपके द्वारा खरीदे गए सामान को वापस लेने से मना करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, उसे भारी जुर्माना और सजा का सामना भी करना पड़ सकता है।
दुकानदारों के लिए नई जिम्मेदारियां
दुकानों में अक्सर एक बोर्ड लगा होता है, जिसमें लिखा होता है कि 'बिका हुआ माल वापस नहीं होगा'। इसका अर्थ है कि ग्राहक द्वारा खरीदा गया सामान वापस नहीं किया जा सकता। लेकिन अब यह नियम दुकानदारों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है, क्योंकि यह ग्राहकों के अधिकारों का उल्लंघन करता है।
ग्राहकों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए नया सर्कुलर
गुजरात सरकार ने ग्राहकों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए एक नया सर्कुलर जारी किया है। इसके अनुसार, ग्राहक अब खरीदा हुआ सामान वापस कर सकते हैं और दुकानदार को इसे स्वीकार करना होगा।
सामान वापसी पर ग्राहकों के क़ानूनी अधिकार
गुजरात सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि ग्राहक सामान को सही स्थिति में वापस करता है, तो दुकानदार उसे लेने से मना नहीं कर सकता। यदि दुकानदार ऐसा करता है, तो ग्राहक उपभोक्ता अदालत में उसकी शिकायत कर सकता है। इसके परिणामस्वरूप दुकानदार पर कार्रवाई की जाएगी और उसे जुर्माना भी हो सकता है।
उपभोक्ता अधिनियम, 2019 के अंतर्गत अधिकार
सरकार ने ग्राहकों के अधिकारों की रक्षा के लिए उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 लागू किया है। यदि ग्राहक द्वारा खरीदा गया सामान खराब निकलता है, तो उसे बदलने या पैसे वापस पाने का पूरा अधिकार है। इसके अलावा, यदि ग्राहक को सामान से कोई नुकसान होता है, तो वह मुआवजे की मांग कर सकता है।
शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया
यदि दुकानदार सामान वापस लेने से मना करता है, तो ग्राहक जिला, राज्य या उपभोक्ता आयोग में शिकायत कर सकता है। इसके लिए राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबर 1800-11-4000 पर कॉल किया जा सकता है। इसके अलावा, ग्राहक उपभोक्ता संबंधित वेबसाइट पर ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज कर सकते हैं।
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