गुजरात में लावारिस पाकिस्तानी नाव मिलने से सुरक्षा एजेंसियों में चिंता
गुजरात के कच्छ में संदिग्ध नाव की बरामदगी
कच्छ जिले के क्रीक क्षेत्र में एक लावारिस पाकिस्तानी नाव के मिलने से सुरक्षा एजेंसियों में हलचल मच गई है। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की पेट्रोलिंग टीम ने समुद्र में संदिग्ध स्थिति में इस नाव को खोज निकाला है। इस घटना की गंभीरता को देखते हुए, बीएसएफ और कोस्ट गार्ड सहित अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने समुद्री क्षेत्रों में गश्त को बढ़ा दिया है। इसके साथ ही, संदिग्ध गतिविधियों की जांच के लिए स्थानीय पुलिस और इंटेलिजेंस भी सक्रिय हो गई हैं।
बीएसएफ की कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, बीएसएफ की एक टीम ने रात के समय समुद्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान, उनकी नजर एक नाव पर पड़ी। संदेह होने पर, बीएसएफ ने नाव को घेर लिया। कई बार चेतावनी देने के बावजूद जब कोई व्यक्ति नाव से बाहर नहीं आया, तो बीएसएफ ने सावधानी बरतते हुए नाव में प्रवेश करने का निर्णय लिया। तलाशी के दौरान, नाव में कोई भी व्यक्ति नहीं मिला, लेकिन मछली पकड़ने का सामान पाया गया।
सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता
अभी तक यह दावा किया जा रहा है कि नाव से कोई संदिग्ध सामान, हथियार या ड्रग्स बरामद नहीं हुए हैं। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां यह जांच कर रही हैं कि यह नाव भारतीय सीमा तक कैसे पहुंची। उल्लेखनीय है कि 26 नवंबर को मुंबई में हुए आतंकवादी हमले में भी आतंकियों ने इसी तरह से नाव का सहारा लिया था। इस अनुभव ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। कच्छ के समुद्री क्षेत्र में सुरक्षा को कड़ा किया गया है और बीएसएफ, कोस्ट गार्ड तथा अन्य एजेंसियां लगातार निगरानी रख रही हैं।
ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ
7 मई को ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ मनाई जाएगी। यह एक महत्वपूर्ण सैन्य कार्रवाई थी, जिसमें भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान में घुसकर आतंकियों के ठिकानों को नष्ट किया था। इस ऑपरेशन में कई आतंकियों और उनके आकाओं को मार गिराया गया था। इसके बाद भारत ने पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना शुरू किया। ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान में आतंकियों के लिए एक खतरे का संकेत दिया था। ऐसे में, सुरक्षा एजेंसियां आशंका जता रही हैं कि 7 मई को पाकिस्तान कुछ बड़ा करने की योजना बना सकता है।
