गुजरात में दृष्टिबाधित बच्चों के लिए आयोजित हुआ प्रज्ञाचक्षु टेलेन्ट सर्च कार्यक्रम
गुजरात के वस्त्रापुर में आयोजित प्रज्ञाचक्षु टेलेन्ट सर्च कार्यक्रम ने दृष्टिबाधित बच्चों की प्रतिभा को उजागर किया। इस कार्यक्रम में 60 विजेता बच्चों को नकद पुरस्कार प्रदान किए गए। उद्योगपति मगनभाई पटेल ने कार्यक्रम में भाग लिया और बच्चों को प्रोत्साहित किया। इस आयोजन का उद्देश्य दृष्टिबाधित बच्चों की संगीत और गायन प्रतिभा को बढ़ावा देना था। अंधजन मंडल, जो विकलांग व्यक्तियों के लिए सेवाएँ प्रदान करता है, ने इस कार्यक्रम का आयोजन किया।
Aug 30, 2025, 14:20 IST
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प्रज्ञाचक्षु टेलेन्ट सर्च कार्यक्रम का आयोजन
अहमदाबाद। गुजरात के वस्त्रापुर में अंधजन मंडल द्वारा "प्रज्ञाचक्षु टेलेन्ट सर्च" कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर गुजरात के प्रसिद्ध उद्योगपति और समाजसेवी मगनभाई पटेल मुख्य अतिथि और प्रायोजक के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने 60 दृष्टिबाधित बच्चों को नकद पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया, जिससे उन्हें अपने दैनिक खर्च में सहायता मिल सके। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रज्ञाचक्षु बाल कलाकारों की गायन और संगीत प्रतिभा को उजागर करना और उन्हें प्रोत्साहित करना था।
मगनभाई पटेल का उदबोधन
मगनभाई पटेल ने इस कार्यक्रम में दो दिनों तक भाग लिया और पुरस्कार वितरण के दौरान अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा, "अंधजन मंडल, वस्त्रापुर के साथ मेरा कई वर्षों से गहरा संबंध रहा है। इस संस्था के संस्थापक, पद्मश्री स्वर्गीय प्रज्ञाचक्षु जगदीशभाई पटेल, मेरे करीबी मित्र थे। उनके प्रयासों के कारण आज अंधजन मंडल दृष्टिबाधित बच्चों के लिए एक प्रमुख संस्था बन चुका है।"
सोला भागवत विद्यापीठ की जानकारी
मगनभाई पटेल ने सोला भागवत विद्यापीठ के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह संस्था 2007 में स्थापित हुई थी और यह सेवा, संस्कार और शिक्षा का केंद्र बन चुकी है। यहाँ हजारों छात्र हिंदी और संस्कृत में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
दृष्टिबाधित बच्चों के लिए कार्यक्रम का महत्व
इस टेलेन्ट सर्च कार्यक्रम में बालगीत, फिल्मी गीत और सुगम संगीत जैसी श्रेणियाँ शामिल थीं। लगभग 175 दृष्टिबाधित बच्चों ने भाग लिया, जिनमें से 60 को विजेता घोषित किया गया। प्रत्येक विजेता को मगनभाई पटेल द्वारा नकद पुरस्कार प्रदान किया गया।
संस्थान की सेवाएँ
अंधजन मंडल, वस्त्रापुर भारत का सबसे बड़ा NGO है, जो विकलांग व्यक्तियों के लिए विभिन्न सेवाएँ प्रदान करता है। इस संस्था में लगभग 800 दृष्टिबाधित बच्चों को शिक्षा, प्रशिक्षण और चिकित्सा जैसी सुविधाएँ दी जाती हैं।