गुजरात उच्च न्यायालय ने नारायण साई की राहत याचिका खारिज की
नारायण साई को बड़ा झटका
गुजरात उच्च न्यायालय ने नारायण साई को एक महत्वपूर्ण झटका देते हुए 2013 में सूरत में दर्ज बलात्कार मामले में उनकी राहत याचिका को खारिज कर दिया है। न्यायालय ने उनकी दया याचिका को भी अस्वीकार करते हुए उनकी सजा पर रोक लगाने से मना कर दिया।
सजा निलंबित करने की याचिका
साई ने अपनी सजा को निलंबित करने के लिए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। लेकिन न्यायालय ने अपराध की गंभीरता और उनकी दोषसिद्धि को ध्यान में रखते हुए कोई राहत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने उनकी जमानत याचिका को भी खारिज कर दिया, यह स्पष्ट करते हुए कि अपराध की प्रकृति को देखते हुए किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी।
न्यायपालिका का दृढ़ रुख
यह निर्णय बलात्कार जैसे गंभीर अपराधों पर न्यायपालिका के सख्त रुख को और मजबूत करता है। यह मामला 2013 का है, जब सूरत में साई पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए गए थे, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें बाद में दोषी ठहराया गया।
