गावस्कर की चेतावनी: आईपीएल फ्रेंचाइजी को स्थानीय खिलाड़ियों पर भरोसा करना पड़ सकता है महंगा
आईपीएल 2026 के बाद खिलाड़ियों की चयन प्रक्रिया पर सुनील गावस्कर की राय
आईपीएल 2026 के समापन के बाद, खिलाड़ियों के प्रदर्शन और टीमों की रणनीतियों पर चर्चा तेज हो गई है। पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने आईपीएल फ्रेंचाइजी को एक महत्वपूर्ण चेतावनी दी है। उनका मानना है कि स्थानीय टी-20 लीगों में अच्छे प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों पर आंख बंद करके भरोसा करना महंगा साबित हो सकता है।
गावस्कर ने कहा कि हाल के वर्षों में देशभर में कई स्थानीय टी-20 प्रतियोगिताएं शुरू हुई हैं, जहां कुछ बल्लेबाज बड़े शॉट्स लगाकर सुर्खियां बटोरते हैं। लेकिन जब ये खिलाड़ी आईपीएल जैसे बड़े मंच पर अंतरराष्ट्रीय स्तर के गेंदबाजों का सामना करते हैं, तो उनकी कमजोरियां उजागर हो जाती हैं। आईपीएल को दुनिया की सबसे प्रतिस्पर्धी टी-20 लीग माना जाता है, जहां हर खिलाड़ी को लगातार दबाव और उच्च गुणवत्ता वाली क्रिकेट का सामना करना पड़ता है।
गावस्कर का मानना है कि स्थानीय प्रतियोगिताओं में बल्लेबाजी और गेंदबाजी का स्तर आईपीएल की तुलना में काफी भिन्न होता है। यदि टीमों के स्काउट या सलाहकार केवल आंकड़ों और कुछ आकर्षक पारियों के आधार पर खिलाड़ियों का चयन करते हैं, तो फ्रेंचाइजी को आर्थिक और खेल दोनों स्तर पर नुकसान उठाना पड़ सकता है।
उन्होंने उन मामलों पर भी सवाल उठाया, जहां कोई खिलाड़ी नीलामी में करोड़ों रुपये में खरीदा जाता है लेकिन पूरे सीजन में उसे केवल एक-दो मैच खेलने का मौका मिलता है। गावस्कर के अनुसार, यह इस बात का संकेत है कि चयन प्रक्रिया में कहीं न कहीं गंभीर कमी रह गई थी।
गावस्कर ने कहा कि आईपीएल एक ऐसा मंच है जो किसी खिलाड़ी की वास्तविक क्षमता को बहुत जल्दी सामने लाता है। कई बार कोई खिलाड़ी एक मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करता है, लेकिन पूरे टूर्नामेंट में उसका योगदान सीमित रहता है। इसके बावजूद, ऐसे खिलाड़ियों को अगले सीजन में फिर से मौका मिल जाता है। उनका मानना है कि चयन का आधार केवल एक यादगार पारी नहीं, बल्कि पूरे प्रदर्शन का मूल्यांकन होना चाहिए।
इस दौरान उन्होंने ऋषभ पंत के कप्तानी छोड़ने के फैसले पर भी अपनी राय रखी। पंत की टीम इस सीजन अंक तालिका में सबसे निचले स्थान पर रही थी। गावस्कर ने कहा कि पंत ने कई बार संकेत दिया था कि उनके आसपास बहुत अधिक सलाह और अलग-अलग विचार मौजूद थे।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि आईपीएल की बढ़ती प्रतिस्पर्धा को देखते हुए फ्रेंचाइजी को खिलाड़ियों के चयन में और अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। केवल स्थानीय स्तर की सफलता को आधार बनाकर बड़े निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है। सुनील गावस्कर का यह बयान ऐसे समय आया है जब अगले सीजन की तैयारियों और संभावित नीलामी रणनीतियों पर चर्चा शुरू हो चुकी है।
