गाजीपुर में कमलेश बिंद के एनकाउंटर के बाद हिंसक प्रदर्शन, 50 पर FIR दर्ज

गाजीपुर में कमलेश चौधरी उर्फ कमलेश बिंद के एनकाउंटर के बाद हुए हिंसक प्रदर्शनों के चलते पुलिस ने 50 से अधिक लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर शव रखकर यातायात बाधित किया और पुलिस पर पथराव किया। पुलिस ने आरोपियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू कर दी है। जानें इस मामले में पुलिस की कार्रवाई और आगे की योजना के बारे में।
 | 
गाजीपुर में कमलेश बिंद के एनकाउंटर के बाद हिंसक प्रदर्शन, 50 पर FIR दर्ज gyanhigyan

गाजीपुर एनकाउंटर के बाद पुलिस की कार्रवाई

यूपी के गाजीपुर जिले में इनामी अपराधी कमलेश चौधरी उर्फ कमलेश बिंद के एनकाउंटर के बाद हुए हिंसक प्रदर्शनों के संबंध में पुलिस ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। पुलिस ने 7 नामजद आरोपियों सहित 40 से 50 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इन सभी पर आरोप है कि उन्होंने कोतवाली क्षेत्र में शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया, यातायात को बाधित किया, पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और पुलिसकर्मियों पर पथराव किया।


प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण

पुलिस के अनुसार, 4 जून की शाम लगभग 6:40 से 7:20 बजे के बीच कमलेश बिंद का शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने मुख्य मार्ग को जाम कर दिया, जिससे यातायात पूरी तरह से ठप हो गया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति बिगड़ गई।


पुलिस पर पथराव और गंभीर आरोप

प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता की और उन पर ईंट-पत्थर फेंकने लगे, जिससे कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने सरकारी कार्य में बाधा डालने और कानून व्यवस्था को बिगाड़ने का प्रयास किया।


मुकदमा दर्ज और आगे की कार्रवाई

घटना की जानकारी मिलने पर उपनिरीक्षक राम मिलन यादव ने तहरीर दी, जिसके आधार पर विभिन्न धाराओं और क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपियों पर गैरकानूनी जमावड़ा, सार्वजनिक मार्ग अवरुद्ध करने, सरकारी कार्य में बाधा डालने, मारपीट, धमकी देने और शांति व्यवस्था भंग करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।


CCTV फुटेज की जांच

पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पहचान होने पर आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर उनके खिलाफ रासुका के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है। इलाके में पुलिस बल की तैनाती की गई है।