गाजीपुर में अनोखी अंतरधार्मिक शादी, मुस्लिम युवती ने हिंदू युवक से लिए फेरे

गाजीपुर में एक अनोखी शादी का आयोजन हुआ, जहां एक मुस्लिम युवती ने हिंदू युवक के साथ वैदिक रीति-रिवाज से विवाह किया। इस शादी में दोनों परिवारों की सहमति से सभी धार्मिक रस्में पूरी की गईं। शादी के दौरान गांव के लोग और हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता भी शामिल हुए। यह विवाह न केवल प्रेम का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक सौहार्द का भी एक सुंदर उदाहरण प्रस्तुत करता है। जानें इस अनोखी शादी की पूरी कहानी।
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गाजीपुर में अनोखी अंतरधार्मिक शादी, मुस्लिम युवती ने हिंदू युवक से लिए फेरे gyanhigyan

गाजीपुर में अनोखी शादी का आयोजन

गाजीपुर समाचार: गाजीपुर के करीमुद्दीनपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में एक अनोखी शादी का मामला सामने आया है। इस विवाह में एक मुस्लिम युवती ने हिंदू युवक के साथ अग्नि के फेरे लिए। वहीं, हिंदू युवक ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार सिंदूरदान और अन्य शादी के कार्यक्रम पूरे किए। इस शादी के लिए विशेष रूप से वेडिंग कार्ड भी छपवाए गए, जिसमें मुस्लिम लड़की का नया नाम अंजू लिखा गया था। कार्ड पर पिता का नाम निजामुद्दीन अंसारी और माता का नाम नूरजहां छपा हुआ था।


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इस विवाह के गवाह गांव के लोग और हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता बने, जिन्होंने इस शादी को सफलतापूर्वक संपन्न कराया।


गाजीपुर जनपद के करीमुद्दीनपुर थाना क्षेत्र के विशंभरपुर ग्राम पंचायत के चंचल कुमार गौड़ और मुस्लिम युवती अंजू की शादी हाल ही में लठ्ठूडीह स्थित मैरेज हाल में संपन्न हुई। यह अंतरधार्मिक विवाह इस समय चर्चा का विषय बना हुआ है। मुस्लिम युवती ने हिंदू धर्म अपनाते हुए वैदिक रीति-रिवाज से विवाह किया। इस समारोह में उत्साह और उल्लास का माहौल था।


जानकारी के अनुसार, चंचल कुमार गौड़ का विवाह मरहूम निजामुद्दीन अंसारी की पुत्री अंजू (परिवर्तित नाम) के साथ विधि-विधान से हुआ। विवाह समारोह के दौरान वर-वधू दोनों बेहद खुश नजर आए और उनके परिवार के सदस्य भी प्रसन्न थे। दोनों पिछले कई वर्षों से एक-दूसरे के साथ थे और उनके एक बच्चा भी है। इस शादी का उद्देश्य सामाजिक मान्यता प्रदान करना था।


मंडप में वैदिक मंत्रोच्चार


वैदिक परंपरा के अनुसार, मंडप में मंत्रोच्चार के बीच सात फेरे और सिंदूरदान की रस्म पूरी की गई, जिसके साथ ही दोनों वैवाहिक बंधन में बंध गए। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने नवदंपति को आशीर्वाद दिया और उनके सुखद भविष्य की कामना की। कार्यक्रम में स्थानीय लोगों के साथ-साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विश्व हिंदू परिषद, भारतीय जनता पार्टी और दुर्गा वाहिनी के सदस्य भी शामिल हुए। इस अनोखे विवाह को लेकर पूरे क्षेत्र में चर्चा हो रही है और इसे सामाजिक सौहार्द का एक सुंदर उदाहरण माना जा रहा है।


मुस्लिम माता-पिता का समर्थन


युवक के पिता हरिशंकर गोड ने बताया कि उनके बेटे और बहू अंजू के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध थे। कुछ दिन पहले दोनों घर से भाग गए थे और उनका एक बच्चा भी है। अब सामाजिक मान्यता के लिए यह शादी कराई गई, जो पूरी तरह से हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार हुई। उनकी बहू अंजू ने भी अग्नि के फेरे लेते हुए वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सभी रस्में पूरी कीं। उन्होंने बताया कि लड़की के माता-पिता और अन्य परिवार के सदस्य अब अपनी बेटी से नियमित रूप से मिलते हैं। वहीं, उनका बेटा और बहू अलग किराए के मकान में रह रहे हैं।