गाजीपुर के गजल होटल पर स्वामित्व का विवाद गहराया
गजल होटल का कानूनी विवाद
गाजीपुर के महुआबाग में स्थित गजल होटल, जो मुख्तार अंसारी और उनके परिवार से जुड़ा है, अब एक गंभीर कानूनी विवाद का केंद्र बन गया है। पहले मोती वर्मा ने होटल की जमीन पर अपना दावा पेश किया था, और अब टेढ़ी बाजार के निवासी अभिषेक अग्रवाल भी अदालत का दरवाजा खटखटा चुके हैं। दोनों दावेदार एक ही संपत्ति को अपना बताकर मामले को और जटिल बना रहे हैं।
अभिषेक अग्रवाल का दावा
शनिवार को एमपीएमएलए कोर्ट में सुनवाई के दौरान, अभिषेक अग्रवाल ने एक प्रार्थना पत्र दाखिल कर कहा कि गजल होटल की जमीन उनके परिवार की है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी ने अवैध रूप से इस जमीन पर कब्जा कर होटल का निर्माण किया।
स्वामित्व का सवाल
गजल होटल की जमीन का असली मालिक कौन है, यह सवाल अब अदालत में सबसे बड़ा मुद्दा बन गया है।
मोती वर्मा का पहला दावा
गजल होटल विवाद में पहला बड़ा मोड़ तब आया जब मोती वर्मा ने 28 अप्रैल 2026 को अदालत में दावा किया कि होटल जिस जमीन पर स्थित है, वह उनकी संपत्ति है।
कोर्ट में सुनवाई
सुनवाई के दौरान, विधायक अब्बास अंसारी के वकील ने अदालत से समय मांगा। अभिषेक अग्रवाल के वकील ने कहा कि होटल की जमीन उनके परिवार की है और उस पर अवैध कब्जा किया गया। एमपीएमएलए कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 27 जून को तय की।
गजल होटल की चर्चा
गाजीपुर का गजल होटल लंबे समय से चर्चा में रहा है। मुख्तार अंसारी परिवार से जुड़ाव के कारण यह संपत्ति कई बार जांच एजेंसियों के दायरे में आ चुकी है।
आगे की प्रक्रिया
अभी अदालत के सामने तीन महत्वपूर्ण सवाल हैं: गजल होटल की जमीन का असली मालिक कौन है? दावेदारों के पास स्वामित्व साबित करने के लिए क्या दस्तावेज हैं? क्या जमीन पर कब्जे के आरोपों के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं?
गजल होटल विवाद की टाइमलाइन
28 अप्रैल 2026: मोती वर्मा ने अदालत में स्वामित्व का दावा किया।
शनिवार: अभिषेक अग्रवाल ने भी अपना दावा पेश किया।
सुनवाई के दौरान: अब्बास अंसारी के पक्ष ने समय मांगा।
27 जून: अगली सुनवाई की तारीख निर्धारित।
