गहलोत ने भाजपा पर मतदाता सूचियों में हेराफेरी का आरोप लगाया
गहलोत का भाजपा पर गंभीर आरोप
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बृहस्पतिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर प्रशासन का दुरुपयोग करते हुए मतदाता सूचियों में हेराफेरी करने का आरोप लगाया। उन्होंने इसे शर्मनाक करार देते हुए कहा कि इसने भाजपा को 'बेनकाब' कर दिया है।
गहलोत ने कहा, "आज का दिन राजस्थान में लोकतंत्र के लिए एक काले अध्याय के समान है, जिसने भाजपा की असलियत को उजागर कर दिया है। सत्ता के मद में चूर भाजपा सरकार ने प्रशासन का दुरुपयोग कर मतदाता सूचियों में हेराफेरी का जो षड्यंत्र रचा है, वह अत्यंत शर्मनाक है।"
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने यह भी दावा किया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के अंतिम दिन, निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) ने बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) पर दबाव डालकर कांग्रेस विचारधारा वाले मतदाताओं के नाम काटने का प्रयास किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर प्रशासनिक अधिकारियों और बीएलओ ने इस लोकतंत्र की हत्या में शामिल होने से इनकार किया, जिसके बाद सत्ताधारी पार्टी के सदस्यों ने उन्हें तबादलों की धमकी दी।
गहलोत ने कहा, "भाजपा ने ऐसा दुस्साहस कर जनता और लोकतंत्र का अपमान किया है। मेरे निर्वाचन क्षेत्र सरदारपुरा में भी ऐसा प्रयास किया गया है। मैंने इस मामले में राज्य निर्वाचन आयुक्त नवीन महाजन से फोन पर बात की है और त्वरित कार्रवाई की मांग की है।"
उन्होंने निर्वाचन कार्य में लगे अधिकारियों से संवैधानिक मर्यादा का पालन करने की अपील की। गहलोत ने चेतावनी दी, "मैं उन अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में आगाह करना चाहता हूं जो भाजपा के दबाव में संविधान की धज्जियां उड़ा रहे हैं। समय बदलते देर नहीं लगती। यदि आपने नियमों का उल्लंघन किया, तो कानून के दायरे में आपकी जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी और सख्त कार्रवाई होगी।"
राज्य में वर्तमान में एसआईआर प्रक्रिया चल रही है।
