गर्मी में पसीना आना: कारण और समाधान
गर्मी में पसीना आना: एक सामान्य प्रक्रिया
गर्मी के मौसम में पसीना आना एक सामान्य बात है और यह हमारे शरीर के लिए फायदेमंद भी है। हालांकि, जिन लोगों को अत्यधिक पसीना आता है, उन्हें डीहाइड्रेशन या नमक की कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। अत्यधिक पसीना आना कोई बीमारी नहीं है, लेकिन इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे स्वेट ग्रैंड्स में गड़बड़ी, तनाव, हार्मोनल परिवर्तन, मसालेदार भोजन, अधिक दवाएं, मौसम और मोटापा। इसे हाइपरहाइड्रोसिस के नाम से भी जाना जाता है।
पसीना आने का कारण
हमारे शरीर का तापमान सामान्य रूप से 98.6 डिग्री फ़ैरेनहाइट के आसपास रहना चाहिए। इसे नियंत्रित करने के लिए हमारे शरीर में लगभग 25 लाख पसीने की ग्रंथियां होती हैं। जब गर्मी बढ़ती है, तो ये ग्रंथियां पसीना निकालने लगती हैं, जिससे शरीर ठंडा होता है।
पसीना आना क्यों आवश्यक है
हर व्यक्ति की पसीने की आवश्यकता अलग होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि पसीने की कोई निश्चित मात्रा नहीं होती। पसीना शरीर से हानिकारक पदार्थों को बाहर निकालता है और इसमें एंटी-माइक्रोबियल पेप्टाइड होते हैं, जो रोगाणुओं से सुरक्षा प्रदान करते हैं।
हाइपरहाइड्रोसिस के कारण
हाइपरहाइड्रोसिस एक सामान्य डिसॉर्डर है जो नर्वस सिस्टम से जुड़ा होता है। यह तीन भागों में विभाजित किया जा सकता है: नर्वस सिस्टम, इमोशनल और हार्मोनल परिवर्तन, और बाहरी पर्यावरण। लगभग 7 से 8 प्रतिशत भारतीय इस समस्या से प्रभावित हैं।
हृदय संबंधी समस्याओं का संकेत
बिना किसी शारीरिक गतिविधि के अधिक पसीना आना हृदय की समस्याओं का संकेत हो सकता है। यदि आपको अत्यधिक पसीना आता है और त्वचा चिपचिपी महसूस होती है, तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
साफ-सफाई और डाइट का ध्यान रखें
पसीना अधिक आने पर व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखना आवश्यक है। नियमित स्नान करें और कपड़े पहनने से पहले अंडरआर्म को सुखा लें। टमाटर का जूस और ग्रीन टी का सेवन करें, और अधिक पानी पिएं।
