गर्मी में पसीना आना: कारण और समाधान

गर्मी के मौसम में पसीना आना एक सामान्य प्रक्रिया है, जो शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में मदद करता है। हालांकि, कुछ लोगों को अत्यधिक पसीना आने की समस्या होती है, जिसे हाइपरहाइड्रोसिस कहा जाता है। यह समस्या नर्वस सिस्टम, हार्मोनल बदलाव और बाहरी पर्यावरण से जुड़ी हो सकती है। इस लेख में, हम पसीने के कारण, इसके स्वास्थ्य पर प्रभाव और इससे निपटने के उपायों पर चर्चा करेंगे। जानें कि कैसे आप अपनी डाइट और साफ-सफाई के जरिए इस समस्या को नियंत्रित कर सकते हैं।
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गर्मी में पसीना आना: कारण और समाधान

गर्मी में पसीना आना: एक सामान्य प्रक्रिया

गर्मी में पसीना आना: कारण और समाधान


गर्मी के मौसम में पसीना आना एक सामान्य बात है और यह स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है। हालांकि, जिन लोगों को अत्यधिक पसीना आता है, उन्हें डीहाइड्रेशन या नमक की कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। अत्यधिक पसीना आना कोई बीमारी नहीं है, लेकिन इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे स्वेट ग्रंथियों में गड़बड़ी, तनाव, हार्मोनल परिवर्तन, मसालेदार भोजन, दवाओं का अधिक सेवन, मौसम और मोटापा। इसे हाइपरहाइड्रोसिस के नाम से भी जाना जाता है।


पसीना आने का कारण

हमारे शरीर का तापमान नियंत्रित रखने के लिए पसीना आना आवश्यक है। सामान्यत: शरीर का तापमान 98.6 डिग्री फ़ैरेनहाइट के आसपास रहना चाहिए। इसे बनाए रखने के लिए हमारे शरीर में लगभग 25 लाख पसीने की ग्रंथियां होती हैं, जो एयर कंडीशनिंग का कार्य करती हैं। जब गर्मी बढ़ती है, तो ये ग्रंथियां पसीना छोड़ने लगती हैं, जिससे शरीर ठंडा होता है।


पसीना आना क्यों जरूरी है

हर व्यक्ति की पसीने की आवश्यकता अलग होती है। कुछ लोगों को कम पसीना आता है, जबकि कुछ को अधिक। विशेषज्ञों का कहना है कि पसीने की कोई निश्चित मात्रा नहीं होती। पसीना शरीर से हानिकारक पदार्थों जैसे अल्कोहल, कोलेस्ट्रॉल और नमक को बाहर निकालता है। इसमें प्राकृतिक एंटी-माइक्रोबियल पेप्टाइड होते हैं, जो टीबी और अन्य हानिकारक रोगाणुओं से सुरक्षा प्रदान करते हैं।


हाइपरहाइड्रोसिस के कारण

हाइपरहाइड्रोसिस एक सामान्य नर्वस सिस्टम डिसऑर्डर है, जिसे तीन श्रेणियों में बांटा जा सकता है: नर्वस सिस्टम, इमोशनल और हार्मोनल परिवर्तन, और बाहरी पर्यावरण। इस समस्या से प्रभावित व्यक्तियों में पसीने की ग्रंथियां अधिक सक्रिय हो जाती हैं। भारत में लगभग 7 से 8 प्रतिशत लोग इस समस्या से ग्रस्त हैं।


हृदय संबंधी समस्याओं का संकेत

बिना किसी शारीरिक गतिविधि के अधिक पसीना आना हृदय संबंधी समस्याओं का संकेत हो सकता है। अवरुद्ध धमनियों के कारण दिल को अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिससे शरीर को अधिक पसीना आता है। यदि आपको अत्यधिक पसीना आता है, तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।


साफ-सफाई और डाइट का ध्यान रखें

पसीना अधिक आने की स्थिति में साफ-सफाई का ध्यान रखना आवश्यक है। इससे पर्सनल हाइजीन बनी रहती है और त्वचा संक्रमण से बचती है। गर्मियों में रोजाना दो बार स्नान करें। इसके अलावा, टमाटर का जूस और ग्रीन टी का सेवन करें, जिससे पसीने की समस्या में राहत मिल सकती है।