गर्मी में ठंडक पाने के लिए योग और प्राणायाम के लाभ

गर्मी के मौसम में राहत पाने के लिए योग और प्राणायाम एक प्रभावी उपाय हो सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, शीतली और शीतकारी प्राणायाम से शरीर का तापमान प्राकृतिक रूप से कम किया जा सकता है। इस लेख में जानें कि कैसे ये प्राणायाम तनाव कम करने, पाचन में सुधार और मानसिक शांति प्रदान करने में मदद करते हैं। साथ ही, गर्मी में स्वस्थ रहने के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए गए हैं।
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गर्मी में ठंडक पाने के लिए योग और प्राणायाम के लाभ gyanhigyan

गर्मी से राहत के उपाय

भारत के विभिन्न क्षेत्रों में गर्मी का प्रकोप जारी है, खासकर राजस्थान में जहां तापमान 48 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया है। इस भीषण गर्मी में ठंडक पाने के लिए लोग कूलर, एयर कंडीशनर और ठंडे पानी का सहारा लेते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि योग और प्राणायाम जैसी शारीरिक गतिविधियों से भी शरीर को प्राकृतिक रूप से ठंडा रखा जा सकता है? गर्मी के कारण लोगों को उल्टी, मतली और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं हो रही हैं। जब तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक हो, तो इसे लू कहा जाता है।


विशेषज्ञ की सलाह

दिल्ली के एम्स में एनाटॉमी विभाग की प्रोफेसर डॉ. रीमा दादा ने इस विषय पर चर्चा की। वह कई वर्षों से योग और इसके लाभों पर शोध कर रही हैं। डॉ. रीमा का कहना है कि गर्मी में बाहर निकलने से बचना चाहिए। यदि व्यायाम करना हो, तो सुबह का समय सबसे अच्छा है। परिवार के साथ योग करना भी फायदेमंद है। उन्होंने बताया कि शीतली और शीतकारी प्राणायाम विशेष रूप से शरीर के तापमान को कम करने में मदद करते हैं।


प्राणायाम की विधि

शीतली प्राणायाम में जीभ को नली की तरह मोड़कर मुंह से सांस अंदर ली जाती है और नाक से छोड़ी जाती है। इससे ठंडी हवा का अहसास होता है। शीतकारी प्राणायाम में दांतों को हल्का बंद करके सांस अंदर लेते हैं और नाक से बाहर छोड़ते हैं। यदि शीतली में कठिनाई हो, तो शीतकारी का विकल्प चुन सकते हैं। इन प्राणायामों को करते समय सीधे बैठना आवश्यक है और इन्हें 8 से 10 बार दोहराना चाहिए।


प्राणायाम के लाभ

इन प्राणायामों के नियमित अभ्यास से तनाव कम होता है, एसिडिटी में राहत मिलती है, पाचन में सुधार होता है, रक्तचाप नियंत्रित रहता है और मानसिक शांति प्राप्त होती है। इन्हें योग या व्यायाम के बाद किया जा सकता है।


गर्मी में ध्यान रखने योग्य बातें


  1. हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें।

  2. हाइड्रेशन बनाए रखने के लिए सही आहार लें।

  3. कोल्ड और मीठे पेय से बचें, इसके बजाय छाछ, बेलपत्र का शरबत और सत्तू का सेवन करें।

  4. हल्की सब्जियां जैसे तोरई, टिंडा और लौकी खाएं।

  5. चंद्रभेदन और वज्रासन का अभ्यास करें।

  6. हाई इंटेंसिटी एक्सरसाइज से बचें।