गंगा एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली शुरू, जानें यात्रा की लागत

उत्तर प्रदेश के गंगा एक्सप्रेसवे पर अब टोल वसूली शुरू हो गई है, जिससे वाहन चालकों को यात्रा के लिए शुल्क का भुगतान करना होगा। इस एक्सप्रेसवे का निर्माण न केवल यात्रा को तेज और सुविधाजनक बनाएगा, बल्कि यह सरकार के लिए राजस्व का एक महत्वपूर्ण स्रोत भी बनेगा। जानें मेरठ से प्रयागराज तक यात्रा की लागत और इस हाईवे पर उपलब्ध सुविधाओं के बारे में।
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गंगा एक्सप्रेसवे पर टोल की शुरुआत

उत्तर प्रदेश के प्रमुख और महत्वाकांक्षी गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना पर अब मुफ्त यात्रा का समय समाप्त हो गया है। अब इस एक्सप्रेसवे का उपयोग करने वाले वाहन चालकों को टोल टैक्स का भुगतान करना होगा। यह एक्सप्रेसवे न केवल पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच की दूरी को कम करता है, बल्कि यह सरकार के लिए राजस्व का एक महत्वपूर्ण स्रोत भी बन रहा है। आइए, विस्तार से जानते हैं कि मेरठ से प्रयागराज तक यात्रा करने में आपको कितना खर्च करना होगा।


टोल की संरचना

गंगा एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली को चार मुख्य खंडों में विभाजित किया गया है। मेरठ से बदायूं की दूरी 129.7 किमी, बदायूं से हरदोई 151.7 किमी, हरदोई से उन्नाव 155.7 किमी और उन्नाव से प्रयागराज 156.8 किमी है। कुल मिलाकर, 594 किलोमीटर की यात्रा के लिए विभिन्न खंडों के अनुसार शुल्क निर्धारित किया गया है।


टोल शुल्क और FASTag की अनिवार्यता

एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली पूरी तरह से FASTag के माध्यम से की जाएगी। बिना FASTag वाले वाहनों या जिनके FASTag ब्लैकलिस्टेड हैं, उनसे दोगुना जुर्माना लिया जा सकता है। टोल लागू होने के साथ ही एक्सप्रेसवे पर पेट्रोलिंग और एम्बुलेंस सेवाओं को भी और अधिक सक्रिय किया गया है।


सफर की सुविधाएं

गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण के बाद, मेरठ से प्रयागराज का सफर काफी सरल और तेज हो जाएगा। पहले सड़क मार्ग से यात्रा करने में घंटों लगते थे, लेकिन अब एक्सप्रेसवे के माध्यम से यात्रा का समय काफी कम होने की उम्मीद है। इस हाईवे पर आधुनिक सुविधाएं जैसे पेट्रोल पंप, फूड प्लाजा, एंबुलेंस सेवा और इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन भी स्थापित किए जा रहे हैं।