खैबर पख्तूनख्वा में लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर की हत्या: आतंकवादियों के बीच हलचल
पाकिस्तान में आतंकवादी गतिविधियों में वृद्धि
खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में सक्रिय आतंकवादी समूहों के बीच एक बार फिर से हलचल मच गई है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के एक प्रमुख कमांडर, शेख अफरीदी, को एक अज्ञात हमलावर ने गोली मारकर हत्या कर दी। सुरक्षा विशेषज्ञ इस घटना को एक सोची-समझी 'टारगेटेड स्ट्राइक' के रूप में देख रहे हैं।
अफरीदी को LeT के संस्थापक हाफिज सईद का करीबी सहयोगी माना जाता था और वह इस क्षेत्र में संगठन की गतिविधियों की देखरेख में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता था। अधिकारियों का मानना है कि उसकी स्थिति और हमले के संदर्भ को देखते हुए यह हत्या एक लक्षित हमला है।
पाकिस्तान में आतंकवादी हमलों की श्रृंखला
यह घटना पाकिस्तान में सक्रिय आतंकवादी संगठनों के खिलाफ हाल ही में हुए हमलों की एक कड़ी है। इसी महीने की शुरुआत में, 16 अप्रैल को लाहौर में LeT के सह-संस्थापक आमिर हमजा पर भी अज्ञात हमलावरों ने हमला किया था। प्रारंभिक रिपोर्टों में बताया गया कि 66 वर्षीय आमिर गंभीर रूप से घायल हो गए थे, और कुछ रिपोर्टों के अनुसार, उनकी चोटों के कारण बाद में उनकी मृत्यु हो गई।
मार्च में, जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर के भाई मोहम्मद ताहिर अनवर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की खबर आई थी। उनकी मौत की पुष्टि संगठन के आधिकारिक टेलीग्राम चैनल पर की गई थी, जिसमें उनके अंतिम संस्कार की जानकारी भी दी गई थी।
शेख अफरीदी की भूमिका
अफरीदी को LeT के क्षेत्रीय नेटवर्क में एक प्रमुख पद पर माना जाता था। वह संगठन के लिए लोगों की भर्ती और उसकी विचारधारा को फैलाने में सक्रिय थे। इसके अलावा, उन्होंने गतिविधियों के समन्वय और संगठन से जुड़े गुर्गों की आवाजाही और प्रशिक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अफरीदी, जो अफरीदी कबीले से संबंधित थे, के स्थानीय स्तर पर मजबूत संबंध थे, जो उन्हें इस क्षेत्र में प्रभाव बनाए रखने में मदद करते थे। सुरक्षा अधिकारियों को संदेह था कि वह जम्मू-कश्मीर को निशाना बनाने वाले अभियानों में शामिल थे।
