खेसारी लाल यादव के कार्यक्रम में बवाल, पुलिस को करना पड़ा लाठीचार्ज

भोजपुरी सिनेमा के प्रसिद्ध अभिनेता खेसारी लाल यादव के कार्यक्रम में मुजफ्फरपुर में भारी हंगामा हुआ। दर्शकों ने हूटिंग की और मंच की ओर जूते-चप्पल फेंके, जिससे स्थिति बिगड़ गई। पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, जिसमें तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। जानें इस घटना के पीछे की पूरी कहानी और क्या हुआ कार्यक्रम के दौरान।
 | 
खेसारी लाल यादव के कार्यक्रम में बवाल, पुलिस को करना पड़ा लाठीचार्ज

भोजपुरी सिनेमा के सितारे का कार्यक्रम विवाद में

खेसारी लाल यादव के कार्यक्रम में बवाल, पुलिस को करना पड़ा लाठीचार्ज

भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के मशहूर अभिनेता खेसारी लाल यादव के एक कार्यक्रम में भारी हंगामा हुआ है। यह घटना बिहार के मुजफ्फरपुर में पशु मेले के दौरान हुई, जहां खेसारी लाल यादव मंच पर गाने के लिए पहुंचे। जैसे ही उन्होंने गाना शुरू किया, दर्शकों ने हूटिंग करना शुरू कर दिया। इसके बाद, दर्शकों ने मंच की ओर जूते-चप्पल फेंकने लगे, जिससे माहौल बिगड़ गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, जिसमें तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए।

रिपोर्ट के अनुसार, खेसारी लाल यादव का कार्यक्रम पहले से निर्धारित था, और इस कारण बड़ी संख्या में लोग वहां उपस्थित थे। जब वह मंच पर आए, तो हूटिंग के साथ-साथ जूते-चप्पल फेंके जाने लगे, जिससे दर्शकों के बीच झगड़ा शुरू हो गया। इस बवाल के चलते आयोजकों को कार्यक्रम को रोकना पड़ा।

सोशल मीडिया पर इस घटना के वीडियो तेजी से फैल रहे हैं, जिसमें पुलिस को उपद्रवियों को काबू में लाते हुए देखा जा सकता है। यह भी ध्यान देने योग्य है कि दो दिन पहले इसी मेले में डांसर्स के बीच भी मारपीट हुई थी।

पशु मेले का आयोजन पूर्व विधायक रामसूरत राय द्वारा किया जाता है, जो पिछले कई वर्षों से इस मेले का संचालन कर रहे हैं। घटना के समय हजारों लोग वहां मौजूद थे। वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि लोग स्टेज की ओर जूते-चप्पल फेंक रहे हैं।

मुजफ्फरपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा ने इस घटना का दोष मेले के प्रबंधन पर डाला है। उन्होंने कहा कि मेला प्रबंधन ने पुलिस को पहले जो सूचना दी थी, उसके अनुसार वहां 30 से 40 हजार लोगों के आने की संभावना थी, लेकिन वास्तविक संख्या एक से डेढ़ लाख तक पहुंच गई। इस कारण पुलिस को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा।

हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि उपद्रव की शुरुआत किसने की। खेसारी लाल के मंच पर आने के बाद हूटिंग क्यों शुरू हुई, और जूते-चप्पल क्यों फेंके गए, इस पर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।